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कोरोना, निपाह, West Nile fever के बाद अब केरल में स्वाइन फ्लू का कहर... 12 साल की लड़की की मौत

केरल में एक बार फिर से स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है. रविवार को एक लड़की की मौत हुई थी. रिपोर्ट में लड़की की मौत का कारण स्वाइन फ्लू को बताया गया है. वहीं, लड़की की जुड़वा बहन भी स्वाइन फ्लू से पीड़ित है जिसका अस्पताल में इलाज जारी है.

केरल में स्वाइन फ्लू से एक लड़की की मौत का मामला सामने आया है. -सांकेतिक तस्वीर केरल में स्वाइन फ्लू से एक लड़की की मौत का मामला सामने आया है. -सांकेतिक तस्वीर
aajtak.in
  • कोझीकोड,
  • 03 जून 2022,
  • अपडेटेड 2:55 PM IST
  • केरल में कोरोना के 6 हजार से ज्यादा एक्टिव मरीज
  • वेस्ट नाइल फीवर से 30 मई को हुई थी युवक की मौत

केरल में कोरोना, निपाह, वेस्ट नाइल फीवर के बाद अब एक बार फिर से स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है. राज्य के कोझिकोड जिले की 12 साल की एक बच्ची की स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के कारण मौत हो गई. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को स्वाइन फ्लू से बच्ची की मौत हुई है. सूत्रों ने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारी मामले पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं.

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स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि बच्ची की मौत की सूचना रविवार को मिली थी, लेकिन उसके सैंपल को लैब भेजा गया था. लैब की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बच्ची स्वाइन फ्लू से पीड़ित थी. अधिकारियों ने बताया कि बच्ची की जुड़वा बहन भी स्वाइन फ्लू से पीड़ित है जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है. 

बच्ची की जुड़वा बहन की हालत स्थिर

डॉक्टरों ने कहा कि मृतक लड़की और उसकी जुड़वां बहन छुट्टी पर पड़ोसी राज्यों में गए थे. एक सीनियर डॉक्टर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि मेडिकल टेस्ट में पुष्टि हुई कि बच्ची की मौत एच1एन1 के कारण हुई है, जबकि मृतक की जुड़वां बहन की हालत स्थिर है.

डॉक्टरों के मुताबिक, उलेरी की रहने वाली दो लड़कियों को कुछ दिनों पहले मातृ एवं बाल स्वास्थ्य संस्थान (आईएमसीएच) में शिफ्ट करने से पहले कोयिलैंडी तालुक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 

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बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में केरल में एच1एन1 के कई सकारात्मक मामले सामने आए हैं. हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारी बड़े पैमाने पर प्रभावी अभियान और सतर्क तंत्र के जरिए इस बीमारी को नियंत्रित करने में सफल रहे थे. 

क्या है स्वाइन फ्लू

H1N1 फ्लू, जिसे आमतौर पर स्वाइन फ्लू के रूप में जाना जाता है, मुख्य रूप से फ्लू (इन्फ्लूएंजा) वायरस के H1N1 स्ट्रेन के कारण होता है. सूत्रों ने कहा कि एच1एन1 फ्लू के लक्षण मौसमी फ्लू के समान ही होते हैं.

केरल में कोरोना के 6 हजार से ज्यादा एक्टिव मरीज

केरल में लगातार कोरोना के नए केस सामने आ रहे हैं. केरल में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1 हजार 370 नए संक्रमित मरीज मिले हैं जो देश के पांच टॉप राज्यों में सबसे ऊपर है.  राज्य में पिछले तीन दिनों से लगातार 1 हजार से ज्यादा कोरोना के नए केस मिल रहे हैं. राज्य में अब तक कोरोना से करीब 70 हजार लोगों की मौत हो चुकी है.

केरल में कोरोना के फिलहाल 6 हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं, जबकि राज्य में अब तक 65 लाख 58 हजार से ज्यादा कोरोना के केस दर्ज किए जा चुके हैं. 

वेस्ट नाइल फीवर से 30 मई को हुई थी युवक की मौत

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उधर, केरल में वेस्ट नाइल फीवर के भी मामले सामने आ रहे हैं. राज्य में 30 मई को वेस्ट नाइल फीवर से 47 साल के एक युवक की मौत हो गई थी. इस वायरस से केरल में तीन साल बाद कोई मौत हुई है. इससे पहले 2019 में एक 6 साल के बच्चे की मौत भी इसी फीवर से हुई थी. आमतौर पर इस वायरस के इंसान में फैलने की वजह मच्छरों को माना जाता है. ये वायरस पक्षियों में फैलता है. ये वायरस पक्षियों से होते हुए मच्छरों तक और मच्छरों से इंसानों में आता है. 

कई बार ऑर्गन ट्रांसप्लांट, ब्लट ट्रांसफ्यूजन और ब्रेस्ट मिल्क से भी ये वायरस फैल सकता है. अब तक मां से बच्चे में इस वायरस के फैलने का एक मामला सामने आया है.  हालांकि, अभी तक इंसान से इंसान में इस वायरस के फैलने का कोई मामला सामने नहीं आया है. संक्रमितों का इलाज करने वाले डॉक्टरों में ये नहीं फैलता है.

केरल में निपाह ने भी बरपाया था कहर

केरल में निपाह वायरस ने भी कहर बरपाया था. पिछले साल राज्य में निपाह वायरस से बच्चों समेत कई लोग संक्रमित हुई थे. कुछ लोगों की मौत भी हुई थी. पश्चिम बंगाल में 2001 में इसके कई मामले सामने आए थे. ये भी कोरोना वायरस की तरह ही खतरनाक है. निपाह वायरस जानवर से मनुष्यों में फैलता है. इसका भी मूल कारण चमगादड़ होता है.

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इसके अलावा सूअरों से भी निपाह वायरस फैलने का डर होता है. इस वायरस के लक्षण में तेज़ बुखार होना है, जो दो हफ्ते तक रहता है और शरीर को नुकसान पहुंचाता है. चिंता की बात ये है कि इस वायरस के कारण किसी भी व्यक्ति के दिमाग पर बुरा असर पड़ता है, जो मौत की ओर ले जाता है.

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