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कोरोना संकट के बीच केंद्र का बड़ा कदम, इन 6 देशों से आने वाले यात्रियों के लिए RT-PCR जरूरी

भारत में कोरोना को लेकर सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है. इसी सिलसिले में उसने चीन, जापान समेत छह देशों से आने वाले यात्रियों के लिए नियम सख्त कर दिए हैं. अब उन्हें भारत आने से पहले पोर्टल पर अपनी कोविड की नेगेटिव रिपाेर्ट अपलोड करनी अनिवार्य होगी. मालूम हो कि चीन के अलावा अब जापान में भी कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने नए प्रतिबधों पर जानकारी दी (फाइल फोटो) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने नए प्रतिबधों पर जानकारी दी (फाइल फोटो)
मिलन शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 29 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 5:39 PM IST

दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस के केस फिर से तेजी पकड़ रहे हैं. चीन में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं. विशेषज्ञों को दावा है कि न्यू ईयर पर वहां हालात और भी बिगड़ेंगे. इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया. ल

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने बताया कि एक जनवरी से अब छह देशों से आने वाले यात्रियों के लिए RT-PCR टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है. उन्हें यात्रा करने से पहले अपनी नेगेटिव रिपोर्ट एयर सुविधा पोर्टल पर अपलोड करनी होगी.

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सरकार ने जिन देशों के यात्रियों के लिए आरटी पीसीआर अनिवार्य किया है, उनमें चीन, हांग कांग, जापान, साउथ कोरिया, सिंगापुर और थाईलैंड शामिल हैं. दरअसल, इंटरनेशनल ट्रैवल को लेकर जारी गाइडलाइन पर भ्रम की स्थिति के कारण एयर सुविधा लागू की गई है. 

अभी 2 फीसदी यात्रियों का हो रहा रैंडम टेस्ट

वैसे 24 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों में से 2 फीसदी का रैंडम कोरोना टेस्ट किया जा रहा है. इसके अलावा एयरपोर्ट पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाया जा रहा है. इसके अलावा एयरपोर्ट पर प्रवेश करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग कर रहे हैं. स्क्रीनिंग के दौरान अगर लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें प्रोटोकॉल के तहत चिकित्सा सुविधा जा रही है.

विदेश से आ रहा हर 150 में एक यात्री पॉजिटिव

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विदेशी यात्रियों से इसलिए भी अलर्ट रहने की जरूरत है क्योंकि विदेश से आ रहे हर 150 यात्रियों में से एक पॉजिटिव निकल रहा है. आंकड़ों के मुताबिक भारत में एयरपोर्ट्स पर पिछले 2 दिन में 6000 यात्रियों की कोरोना टेस्टिंग हुई है. इनमें से 39 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं यानी हर 150 में से एक यात्री कोरोना पॉजिटिव आ रहा है. यह चिंता बढ़ाने वाली बात है क्योंकि यह देश के डेली औसत केस से कहीं ज्यादा है.

भारत में जनवरी में बढ सकते हैं कोरोना के केस

स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने पिछले दिनों बताया था कि भारत में जनवरी महीने में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं. देश के लिए अगले 40-45 दिन काफी अहम होंगे. वहीं आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणिंद्र अग्रवाल ने भी माना कि अगले कुछ दिन कठिन हो सकते हैं. लेकिन भारत में पैनिक होने का कोई कारण मुझे नजर नहीं आ रहा है. 

भारत में अभी कोरोना के ये हैं हालात

भारत में पिछले 24 घंटे में 2,36,919 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया, जिनमें 268 पॉजिटिव पाए गए हैं. वहीं इस वायरस से 2 लोगों की मौत हो गई. अब देश में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 3,552 हो गई है. डेली पॉजिटिविटी रेट 0.11% है, जबकि वीकली पॉजिटिविटी रेट 0.17 प्रतिशत है. वहीं, रिकवरी रेट 98.80% हुआ. 

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चीन में अभी आ सकती हैं तीन लहरें

चीन के महामारी विशेषज्ञ वू जुन्यो ने अगले तीन महीने में तीन लहरों के आने की आशंका जताई है. उन्होंने दावा किया कि चीन अभी पहली लहर का सामना कर रहा है और इसका पीक मिड-जनवरी में आ सकता है. 

उन्होंने कहा कि 21 जनवरी से चीन का लूनर न्यू ईयर के दौरान लोग ट्रैवल करेंगे, जिस कारण दूसरी लहर शुरू होगी. जनवरी के आखिर से दूसरी लहर शुरू हो सकती है जो मिड-फरवरी तक चलेगी. 

वहीं तीसरी लहर फरवरी के आखिर से शुरू हो सकती है. हॉलीडे के बाद लोग फिर से ट्रैवल करेंगे और इस कारण तीसरी लहर शुरू हो सकती है. तीसरी लहर फरवरी के आखिर से मिड-मार्च तक चल सकती है.

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