Advertisement

भारत में कैसे बंटेगी वैक्सीन, क्या टीका लगने के बाद नहीं होगा कोरोना, जानें- हर सवाल का जवाब

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में जिस तरह से चुनाव के दौरान पोलिंग बूथ बनते हैं उसी तरह से वैक्सीन के लिए बूथ बनाने का प्लान है. पोलिंग बूथ की तरह टीमों का गठन होगा. ब्लॉक लेवल पर रणनीति तैयार की जाएगी.

वैक्सीन ट्रायल के दौरान मेडिकल स्टाफ (PTI) वैक्सीन ट्रायल के दौरान मेडिकल स्टाफ (PTI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 28 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 7:57 AM IST
  • दुनिया को है कोरोना की वैक्सीन का इंतजार
  • वैक्सीन को लेकर मिशन मोड में मोदी सरकार
  • ब्लॉक लेवल पर तैयार की जाएगी रणनीति

कोरोना वायरस की वैक्सीन का इंतजार पूरी दुनिया को है. लेकिन वैक्सीन के आने के पहले लोगों के जहन में कई तरह के सवाल हैं. क्या वैक्सीन कोरोना के संक्रमण को रोक लेगी. क्या वैक्सीन की डोज मिलने ने बाद ये पक्का हो जाएगा कि कोरोना नहीं होगा. एक व्यक्ति को वैक्सीन की कितनी डोज दी जाएंगी. भारत में कैसे बंटेगी कोरोना की वैक्सीन. ऐसे तमाम सवालों के जवाब हम आपके लिए लेकर आए हैं. 

Advertisement

देश में ऐसे बंटेगी वैक्सीन

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में जिस तरह से चुनाव के दौरान पोलिंग बूथ बनते हैं उसी तरह से वैक्सीन के लिए बूथ बनाने का प्लान है. पोलिंग बूथ की तरह टीमों का गठन होगा. ब्लॉक लेवल पर रणनीति तैयार की जाएगी. सरकारी और निजी डॉक्टरों को इस अभियान की विशेष जिम्मेदारी दी जाएगी. साथ ही जनभागीदारी के लिए प्रयास के साथ-साथ उन्हें जरूरी प्रशिक्षण दिया जाएगा.

टीकाकरण को लेकर अलग-अलग तबकों में तरह-तरह की भ्रांतियां रहती हैं. इसलिए सरकार पहले से ही राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस दिशा में जागरुकता अभियान चलाने के लिए कह चुकी है. इसके अलावा वैक्सीन के किसी दुष्प्रभाव से निपटने के लिए भी राज्यों को तैयार रहने को कहा गया है. किसी एलर्जिक रिएक्शन की स्थिति से निपटने के लिए राज्यों को मेडिकल सिस्टम दुरस्त रखने के लिए कहा गया है. 

Advertisement

कैसे स्टोर होती है वैक्सीन?

वैक्सीन को जिस डीप फ्रीजर में रखते हैं उसे आइस लाइन्ड रेफ्रीजरेटर कहते हैं. हर 30 मिनट पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इसके तापमान को जांचती है. भारत में राज्यों के पास वैक्सीन स्टोर करने के लिए करीब 2300 आइस लाइन्ड रेफ्रीजरेटर पहले से मौजूद हैं. 

पहले किसे लगेगी वैक्सीन?  

मोदी सरकार के मिशन वैक्सीन के अनुसार शुरुआत में 30 करोड़ वैक्सीन भारत में लगाने का प्लान है. प्राथमिकता के आधार पर हेल्थ वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और सीनियर सिटिजंस को वैक्सीन देने की तैयारी है. पहले चरण में वैक्सीन जिन्हें लगेगी उन्हें SMS के जरिए टीकाकरण की तारीख, समय और जगह बताई जाएगी. मैसेज में टीका देने वाले संस्थान और हेल्थर वर्कर का नाम भी होगा.

देखें: आजतक LIVE TV
  
वैक्सीन के कितने डोज जरूरी?  

अभी तक जितनी भी वैक्सीन फाइनल स्टेज में पहुंची हैं, सभी के दो डोज लगाए गए हैं. इसलिए माना जा रहा है कि कोरोना वैक्सीन के लिए दो डोज जरूरी हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय भी जिस तरह से वैक्सीन की तैयारी कर रहा है, उससे भी ये अंदाजा लगाया जा रहा कि वैक्सीन की दो डोज जरूरी होंगे. 
  
टीकाकरण की मॉनिटरिंग कैसे? 

सही समय पर दोनों डोज लगाने के लिए मंत्रालय ने कोरोना वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क तैयार किया है. ये 2015 में शुरू किए गए इलेक्ट्रानिक वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क का बदला हुआ स्वरूप है.

Advertisement

करोड़ों बच्चों तक बिना किसी रुकावट के वैक्सीन पहुंचाने में ये सिस्टम बहुत कारगर साबित हुआ है. इसके जरिए पहली डोज दिए जाने के बाद, दूसरी डोज के लिए SMS भेजा जाएगा. जब टीकाकरण पूरा हो जाएगा तो डिजिटल QR आधारित एक सर्टिफिकेट भी जेनरेट होगा. ये सर्टिफिकेट वैक्सीन लगने का सबूत होगा. 

सभी लोगों को कब मिलेगी वैक्सीन?  

आम आदमी तक वैक्सीन पहुंचने में अभी करीब-करीब पांच से छह महीने का वक्त लग जाएगा. क्योंकि अभी तक जितनी भी वैक्सीन तीसरे चरण के ट्रायल में सफल हुईं हैं उन सभी का मास प्रोडक्शन अगले साल ही शुरू होने की उम्मीद है. हालांकि मोदी सरकार ने अभी से राज्यों को वैक्सीन के लिए कोल्ड स्टोरेज चेन स्थापित करने के लिए कहा है. 

क्या वैक्सीन लगने के बाद कोरोना नहीं होगा?   

महामारी के दौर में कोरोना वैक्सीन को संजीवनी कहा जा रहा है, लेकिन क्या संजीवनी आने के बाद पूरी दुनिया को कोरोना से मुक्ति मिल जाएगी. क्या मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की बाध्यता खत्म हो जाएगी. क्या वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा? ये ऐसे सवाल हैं जिसका जवाब जानना जरूरी है. 

वैक्सीन लगने से वातवरण में मौजूद वायरस खत्म नहीं होंगे. वैक्सीन सिर्फ वायरस से आपका बचाव करेगी और अभी तक किसी भी वैक्सीन ने वायरस से सौ फीसदी बचाव का दावा नहीं किया है. ना ही ये बताया है कि वैक्सीन का असर कब तक रहेगा. ऐसे में वैक्सीन के बाद भी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सभी के लिए जरूरी होगा. 

Advertisement


 
 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement