
देश कोरोना सकंट से जूझ रहा है. कोविड के गंभीर खतरे के बीच दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान अब भी केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग लेकर बैठे हुए हैं. ऐसे में मांग उठ रही है कि किसानों को अपना विरोध प्रदर्शन कोरोना संकट के मद्देनजर रद्द कर देना चाहिए. भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि क्या सरकार ये लिखित में दे सकती है कि इससे कोरोना संकट खत्म हो जाएगा.
उन्होंने आजतक के साथ खास इंटरव्यू में कहा कि कोरोना संक्रमण एक बीमारी है, जिसे सरकार बीते 1 साल से देख रही है. कोरोना काल में सरकार नए कानून लेकर आ सकती है, लेकिन अब यह आरोप लगा रही है कि किसान कोरोना फैला रहे हैं. क्या जो बीजेपी के जिन मंत्रियों ने जानें गवाईं, पत्रकारों ने जानें गंवाई, क्या वे आंदोलन में शामिल थे? किसान नेता ने कहा कि सरकारों को अस्पतालों पर ध्यान देना चाहिए, अस्पताल बनवाने चाहिए.
राकेश टिकैत ने कहा कि यह आंदोलन किसी भी सूरत में नहीं हटेगा. उन्होंने यह भी कहा कि कान खोलकर सुन ले सरकार, किसान आंदोलन खत्म नहीं होगा. बंगाल और अन्य 4 राज्यों में हुए चुनाव पर घेरते हुए उन्होंने कहा कि चुनावी रैलियों में नहीं फैल रहा था कोरोना, क्या किसान आंदोलन में फैल रहा है. किसान आंदोलन नहीं रुकेगा. किसान आंदोलन बदनाम नहीं होगा.
आंदोलनकारी किसानों के एक गुट की अपील- कोरोना संकट तक टालें आंदोलन, किसानों का जा रही जान
'कोरोना काल में बना सकते हैं कानून तो वापस भी लें'
उन्होंने कहा कि किसानों की रैली में कोरोना है, वहीं चुनाव होगा तो कोई कानून नहीं. किसान आंदोलन वापस नहीं होगा. अगर कोरोना काल में कानून ला सकते हैं तो सत्र बुलाकर कानून रद्द भी कर सकते हैं. सरकार किसानों को बदनाम करने की कोशिश कर रही है. राकेश टिकैत ने कहा कि हमलोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं. हम कोरोना से भी जीतेंगे, सरकार से भी जीतेंगे.
सरकार नहीं कर रही है काम
भारतीय किसान यूनियन के आंदोलन टालने की मांग पर हमला बोलते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि देश में लाखों लोगों की जान कोरोना से जा रही है. कोई इसे खारिज नहीं कर रहा है. किसानों की मौत पर सरकार को इतनी चिंता कैसे होने लगी? लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे हैं, सिलेंडर लगाने पर एफआईआर दर्ज कर रही है. सरकार को कोरोना त्रासदी पर काम नहीं कर रही है. आंदोलन में मरने वालों की चिंता सता रही है.
बहकावे में नहीं आएंगे किसान
राकेश टिकैत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण फैल रहा है, सरकार कहां है. उन्होंने कहा कि किसान किसी बहकावे नहीं आएंगे. किसान आंदोलन जारी रहेगा. आंदोलन में सैनिटाइजेशन, बीमार लोगों के लिए अस्पताल, दवाइयों की सप्लाई दी जा रही है. उन्होंने किसानों के पीछे न हटने की बात भी दोहराई.
राकेश टिकैत ने कहा कि 400 किसानों की जान चली गई है, ऐसे में अगर संवेदनशीलता दिखाती, तो समझ में आता कि सरकार संवेदनशील है. उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि किसान अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगा.
मौत कोरोना से हो या गोली से, नहीं हटेगा किसान
राकेश टिकैत ने कहा कि किसान चाहे सरकार की गोली से मरे या कोरोना संक्रमण से, वह धरने से नहीं हटेगा. किसानों को वैक्सीन लगवाइए, किसान कोई भी टेस्ट कराएगा, उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव ही दिखाई जाएगी. उन्होंने कहा कि प्रोटेस्ट साइट पर सैनिटाइजेशन हो रहा है. लोग मास्क लगा रहे हैं. सोशल डिस्टेंसिंग बरती जा रही है. ऐसे में किसान अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे.
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