
पुणे नगर निगम के पूर्व पार्षद और एनसीपी (अजित पवार) पार्टी के नेता वनराज आंदेकर की हत्या के मामले में पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने प्रॉपर्टी विवाद और घर के अंदरुनी मामलों के कारण हत्या की आशंका जताई है. वनराज आंदेकर के पिता सूर्यकांत उर्फ बंडू आंदेकर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उनकी दो बहनों और उनके पतियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
सीसीटीवी फुटेज में 10 से 12 लोगों को आंदेकर पर हमला करते हुए देखा गया था, जिनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है. विपक्षी पार्टियों ने पुणे में हो रही वारदातों के लिए पुलिस और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिम्मेदार ठहराया. शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राऊत ने फडणवीस की आलोचना की और कहा कि "पुणे की पावन भूमि पर गुंडाराज चल रहा है, लेकिन गृह मंत्री मौन हैं."
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देवेंद्र फडणवीस पर लगाए आरोप
संजय राउत ने कहा, “गृह विभाग जिनके पास है, वो औरंगजेब फैन क्लब के चेयरमैन देवेंद्र फडणवीस ने अपनी पुलिस फोर्स विरोधी पार्टिंयों को नामोहरम करने के लिए लगाई है. इसलिए पुणे जैसी वारदातें दिखाई दे रहीं हैं. बदलापूर जैसी घटनाएं हो रहीं है. पुणे की भूमी लोकमान्य तिलक और शिवाजी महाराज की पावन भूमी है. वहीं पर कोयता गैंग शुरू है. पुणे मे गुंडाराज चल रहा है. लोगों के खून हो रहे हैं, लेकीन गृहमंत्री इसपर बात नहीं करते.”
पुणे कांड के बाद पुलिस पर उठे थे सवाल
वानवडी पुलिस थाने में काम करने वाले गायकवाड ससानेनगर परिसर में गश्त लगा रहे थे, जब निहालसिंग टाक ने उनपर हमला किया. टाक पर 20 से ज्यादा मामले पहले से दर्ज हैं. 19 मई को पुणे में पोर्शे कार ने एक बाइक को टक्कर मारते हुए दो लोगों को घायल कर दिय दिया था, जिनकी बाद में मौत हो गई थी. नशे में धुत एक नाबालिग लड़का कार चला रहा था, जो एक बड़े बिल्डर का बेटा था. इस घटना में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे थे.
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5 जनवरी को हिस्ट्रीशीटर शरद मोहोल की भी हत्या कर दी गई. मुख्य आरोपी गणेश मारणे के साथ 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इन मामलों को लेकर भी विपक्षी पार्टियों ने गृहमंत्री फडणवीस की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए थे.