
Cyclone Yaas impact on weather today: चक्रवाती तूफान 'यास' का असर झारखंड के कई हिस्सों में दिखाई देना शुरू हो गया है. राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला जारी है. इस बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बाढ़ प्रभावित गांवों के सभी परिवारों के लिए 7 दिन की राहत की घोषणा की है.
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने चक्रवात के बाद की स्थिति की समीक्षा की है. मुख्यमंत्री पटनायक ने चक्रवात प्रभावित जिलों के 128 बाढ़ प्रभावित गांवों के सभी परिवारों के लिए 7 दिन की राहत की घोषणा की है. अगले 24 घंटों में प्रमुख सड़कों को आने-जाने के लिए बहाल कर दिया जाएगा. साथ ही अगले 24 घंटे में प्रभावित जिले में 80% बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी.
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने चक्रवात के बाद उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सभी पंचायत प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, सामुदायिक संगठनों और पुलिस को को बधाई दी. सीएम ने चक्रवात के दौरान प्रभावित जिले में निरंतर स्वास्थ्य सेवा के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को धन्यवाद दिया.
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक आज यानी 26 मई को चकवाती तूफान यास (Cyclone Yaas) की वजह से चाईबासा, सिमडेगा और गुमला जिले में तेज हवा चलने के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका है.
तूफान के बाद ऑक्सीजन एक्सप्रेस शुरू
चक्रवात 'यास' के बाद जनजीवन सामान्य करने की कोशिश जारी है. कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कोलकाता इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज शाम 6.30 बजे से फिर से उड़ान संचालन शुरू कर दिया गया. तो वहीं भुवनेश्वर एयरपोर्ट के निदेशक ने बताया कि ओडिशा के भुवनेश्वर में बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज शाम 7 बजे से उड़ानों का परिचालन शुरू हो गया. पहले इसे चक्रवात यास के कारण 27 मई की सुबह 5 बजे तक के लिए बंद कर दिया गया था.
तो वहीं चक्रवात के बाद 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ले जाने वाली पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस आज शाम झारखंड के टाटानगर से कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के लिए रवाना हुई.
दीघा समुद्र तट पर कई दुकानें नष्ट
तूफान ने बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले के दीघा समुद्र तट पर कई दुकानों को क्षतिग्रस्त और नष्ट कर दिया गया है. ये दुकानें समुद्र तट के ठीक सामने स्थित थीं. चक्रवात यास ने लोहे के शटर को तोड़कर दुकान में काफी क्षति पहुंचाई है.
भयंकर चक्रवाती तूफान यास शाम साढ़े 5 बजे पर कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदल गया है. माना जा रहा है कि यह अगले 3-4 घंटों के दौरान एक गहरे अवसाद में और कमजोर हो जाएगा.
तीन लोग सुरक्षित बचाए गएः NDRF
West Bengal: NDRF says it rescued three people from drowning in the lake in Satilpur village of East Medinipur district during super Cyclone Yaas today pic.twitter.com/Bm7CPvDUUq
— ANI (@ANI) May 26, 2021इस बीच ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप के जेना ने बताया कि साइक्लोन यास ने लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी कर ली है. यह सुबह 9 बजे शुरू हुआ और दोपहर 1 बजे कलेक्टर बालासोर और भद्रक से सूचना मिली कि सभी तटीय क्षेत्रों में हवा थम गई है.
#CycloneYaas has completed the landfall process. it started around 9 am & around 1 pm information received from Collector Balasore as well as Bhadrak that wind has subsided in all the coastal zones: Pradeep K Jena, Odisha Special Relief Commissioner pic.twitter.com/RNwqP15Oxc
— ANI (@ANI) May 26, 2021मौसम विभाग के मुताबिक यास तूफान भारी बारिश और तेज हवाओं की रफ्तार के साथ ओडिशा के तटीय इलाकों को पार कर चुका है. तूफान के असर से ओडिशा से लेकर बंगाल तक में भारी बारिश हो रही है. मौसम विभाग के मुताबिक तूफान अधिकतम 155 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बालासोर को पार करता हुआ उत्तर पश्चिम की तरफ आगे बढ़ रहा है.
#WATCH | Jharkhand: Ranchi experiences a change in weather in wake of #CycloneYaas.
As per IMD, the state will receive heavy to very heavy rainfall today & tomorrow with extremely heavy rainfall in isolated places. pic.twitter.com/Cm9g4v4wdg
तूफान का कहर सिर्फ ओडिशा तक ही नहीं दिख रहा बल्कि बंगाल में भी तूफानी बारिश का सिलसिला जारी है. वहीं, बिहार और झारखंड में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है, दक्षिण के राज्यों में भी बरसात की चेतावनी दी गई है. ओडिशा, पश्चिम बंगाल के साथ अभी आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी साइक्लोन यास का असर दिखेगा. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक बिहार और झारखंड में भारी बारिश की आशंका है.
CM ममता का हवाई निरीक्षण
साइक्लोन यास से बुरी तरह प्रभावित पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर जिलों की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 28 और 29 मई को हवाई निरीक्षण करेंगी. साथ ही मुख्यमंत्री हिंगलगंज, सागर और दीघा का दौरा भी करेंगी. मुख्यमंत्री ममता सागर और दीघा में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगी.
बता दें कि ओडिशा में तूफान की चोट से बंगाल के तटीय इलाके भी प्रभावित हुए. दीघा से लेकर तमाम तटीय इलाकों में सड़क पर समंदर जैसे हालात दिखाई दिए. घरों से लेकर दुकानों तक में पानी घुस गया. हवाओं ने भारी भरकम पेड़ों को भी गिराकर ढेर कर दिया.
झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट
मौसमी पूर्वानुमान के मुताबिक यास तूफान से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा के ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है. इन इलाकों में 90 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से हवा चलने और कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है. तूफान यास का असर 26-27 मई को ज्यादा पड़ेगा जबकि 28 को इसके धीमा होने की उम्मीद है.
isolated heavy to very heavy with extremely heavy falls over Jharkhand on 26th; on 26th & 27th and Bihar on 27th May.
— India Meteorological Department (@Indiametdept) May 26, 2021मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
झारखंड में तूफान के बीच आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की है. कई जिलों में हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है. मुश्किल वक्त में उन नंबरों पर फोन कर मदद ली जा सकती है. रांची में तूफान के दौरान विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल रूम पूरी तरह से एक्टिव हैं.
कंट्रोल रूम में मजिस्ट्रेट को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है. दुमका विद्युत विभाग यास चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है. विद्युत विभाग ने लोगों को अलर्ट किया है कि बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें. अगर कहीं कोई नुकसान की खबर आती है तो फौरन सूचित करें. विभाग ने तीन नंबर भी जारी किए हैं. वे नंबर हैं- 9905306663, 7982238951, 8539076988
यूपी-बिहार में आंधी-बारिश की संभावना
बिहरा में 27 से 30 मई तक आंधी, तूफान और भारी बारिश होने की संभावना है. बिहार में आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है. वहीं, यूपी में भी भारत मौसम विज्ञान केन्द्र ने 26 व 27 मई, 2021 के दौरान गरज के साथ बिजली चमकने एवं तेज हवा चलने की संभावना जताई है. जिसका असर जनपद वाराणसी में भी देखने को मिल सकता है.
लोगों को आंधी-तूफान/चक्रवात के दौरान अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. सलाह दी गई है कि यदि आप घर के अन्दर हैं तो बिजली का मेन स्विच व गैस सप्लाई तुरंत बंद कर दें. दरवाजे एवं खिड़की बंद रखें. इसके अलावा चक्रवात से संबंधित किसी नुकसान की सूचना देने एवं सहायता के लिए 0542-2221937, 2221939, 2221941, 2221942, 2221944 एवं टोल फ्री नंबर-1077 नंबरों पर संपर्क करें.
(झारखंड से सत्यजीत कुमार और वाराणसी से रोशन जयसवाल के इनपुट के साथ)