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ओडिशा से लेकर बंगाल तक 'दाना' साइक्लोन का कहर, तेज आंधी से कई जगह उखड़े पेड़

चक्रवात दाना पिछले 2 महीनों में भारतीय तट पर आने वाला दूसरा चक्रवाती तूफान है. इससे पहले अगस्त के अंत में क्षेत्र को चक्रवात 'असना' ने प्रभावित किया था. हांलाकि दाना तूफान असना से ज्यादा शक्तिशाली है, जिसका असर टकराने की जगह से 400 किलो मीटर दूर तक होगा. इससे 7 राज्य प्रभावित होंगे. चक्रवाती तूफान दाना की वजह से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के प्रभावित इलाकों में मूसलाधार बारिश हो रही है.

दाना चक्रवात का असर 7 राज्यों में दिखेगा दाना चक्रवात का असर 7 राज्यों में दिखेगा
आजतक ब्यूरो
  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 6:54 AM IST

देश के पूर्वी इलाके में चक्रवाती तूफान 'दाना' ने दस्तक दे दी है. चक्रवात देर रात 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ओडिशा के तट से टकराया. इसके चलते ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश हो रही है. कई जगह पेड़ उखड़ गए हैं. सड़क मार्ग बाधित हुआ है. IMD के अनुसार, इस दौरान हवाओं की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटा तक थी. स्थिति के मद्देनजर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा के सीएम मोहन माझी से फोन पर बात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और रात भर नबन्ना में ही रुकीं.

यहां जानें तूफान 'दाना' की पल-पल की अपडेट

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ओडिशा: भद्रक के कामरिया में तेज़ हवाओं और भारी बारिश ने तबाही मचाई.

- ओडिशा के कई इलाकों में तेज आंधी के चलते पेड़ गिरे.

- ओडिशा और बंगाल के कई इलाकों में तेज आंधी देखने को मिल रही है. कई तटीय इलाकों में बारिश भी हो रही है.

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- पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदनीपुर और दीघा में तेज हवाएं चल रही हैं.

- तूफान दाना की लैंडफॉल प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो सुबह तक जारी रहने की उम्मीद है. 

दरअसल, चक्रवात दाना पिछले 2 महीनों में भारतीय तट पर आने वाला दूसरा चक्रवाती तूफान है. इससे पहले अगस्त के अंत में क्षेत्र को चक्रवात 'असना' ने प्रभावित किया था. हांलाकि दाना तूफान असना से ज्यादा शक्तिशाली है, जिसका असर टकराने की जगह से 400 किलो मीटर दूर तक होगा. इससे 7 राज्य प्रभावित होंगे. चक्रवाती तूफान दाना की वजह से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के प्रभावित इलाकों में मूसलाधार बारिश हो रही है. दोनों राज्यों की सरकारों ने लाखों लोगों को दूसरी सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया है. 

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ओडिशा में दाना तूफान का सबसे ज्यादा असर मयूरभंज, भद्रक, बालेश्वर, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, जगतसिंहपुर, कटक में होगा, जहां भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. वहीं पुरी, खोरदा, नयागढ़, ढेनकनाल और केंडोझार जिले को लेकर ऑरेंज अलर्ट है.

यूपी में भी दिख सकता है असर

मौसम विभाग के मुताबिक इसका असर उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी दिखेगा. यूपी के पूर्वी हिस्से खासकर के वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, बलिया, आजमगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, गाजीपुर समेत आसपास के जिलों में बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है. इससे तापमान में थोड़ी कमी भी देखी जाएगी. इससे नवंबर महीने की शुरुआत के साथ तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे ठंड भी बढ़ेगा. यानी इस चक्रवाती तूफान की वजह से यूपी में ठंड बढ़ेगी. इसी तरह बिहार के कई जिलों भी प्रभावित हो सकते हैं. इस तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले राज्य ओडिशा, बंगाल, झारखंड, बिहार, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु हैं. यूपी में भी इसका असर दिखेगा.

NDRF की टीमें तैनात

तूफान को देखते हुए ओडिशा के पुरी में चक्रवाती तूफान को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की हिदायत दी है. किसी भी स्थिति से निपटने के लिए NDRF की टीमें मौजूद हैं और लोगों को समुद्र से दूर रखा जा रहा है. वहीं, चक्रवाती तूफान को देखते हुए रेलवे भी अलर्ट है. ओडिशा, बंगाल रूट की दर्जनों ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं. दक्षिण 24 परगना में भी साइक्लोन दाना को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई है.

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चंक्रवात का नाम 'दाना' इसलिए पड़ा

बता दें कि 'दाना' शब्द को अरबी भाषा से लिया गया है. इसका अर्थ 'उदारता' है. इस तूफान का नाम क़तर ने चुना है. दरअसल, साल 2000 के बाद से तूफान के नामों की सूची पहले से तैयार कर ली जाती है. जिसे भारत-मालदीव-म्यांमार-पाकिस्तान जैसे कई देशों का समूह तैयार करता है. चक्रवातों का नाम क्षेत्रीय शब्दों या नामों के आधार पर करने से तूफान-प्रभावित देशों के बीच जागरूकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में सहायता मिलती है. साथ ही इससे संचार और चेतावनी प्रणाली भी मजबूत बनती है.

पुरी में चेतावनी के लिए समंदर के तटों पर लाल झंडे लगा दिए गए हैं. किनारे की दुकानों को बंद कर दिया गया है. पुरी में 4 दिन के होटल की बुकिंग पर रोक लग चुकी है. जगन्नाथ मंदिर और कोणार्क के सूर्य मंदिर को भी एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है. तूफान से पहले करीब 3000 सैलानियों को वापस भेज दिया गया है. एयरपोर्ट भी बंद कर दिया गया है. ओडिशा के तटीय इलाकों में तूफ़ान के टकराने से कई घंटों पहले ही एहतियातन कदम उठा लिए गए. जहां जहां तूफान आने की आशंका है वहां वहां एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं .

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ओडिशा और बंगाल के स्कूल रहेंगे बंद

ओडिशा में शुक्रवार तक 14 जिलों के सभी स्कूल बंद रहेंगे. तूफान के टकराने के बाद ओडिशा के तटीय इलाकों में समंदर की ऊंची लहरें उठने की चेतावनी जारी की गई है. कोस्ट गार्ड, एनडीआरएफ और नेवी की टीमें अलर्ट पर हैं. कई जगहों पर मेकशिफ़्ट राहत शिविर बना दिए गए हैं. 

ओडिशा की तरह पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में भी दाना तूफान का असर देखने को मिलेगा पश्चिम बंगाल में भी लाखों लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जा चुका है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि तूफान दाना के मद्देनजर वो पूरी रात नबन्ना में रहेंगी. पश्चिम बंगाल में भी दाना तूफान का असर देखने को मिलेगा. जिसके चलते राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है.

चक्रवाती तूफान के टकराने की जगह से 400 किलो मीटर दूर तक इसका असर देखने को मिलेगा. तूफान टकराने के बाद से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में 90 से 120 किलो मीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. इसके अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश भी होगी. तूफान और भारी बारिश के खतरे को देखते हुए हावड़ा में कंट्रोल रूम बनाया गया है. पश्चिम बंगाल सरकार ने नौ जिलों के तमाम स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है. 

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बंगाल में लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया 

बंगाल के प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है. पहले से समुद्र में गए मछुआरों को वापस बुला लिया गया है. तटीय इलाकों में माइक के जरिए लोगों को सतर्क किया जा रहा है. तूफान की दस्तक से पहले करीब लाखों लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया गया है.

पश्चिम बंगाल के पूर्व मिदनापुर जिले के पर्यटन स्थल दीघा के अलावा मंदारमनी, ताजपुर और शंकरपुर के होटल मालिकों को तूफान टकराने से 12 घंटे पहले ही पर्यटकों से होटल खाली करवाने का निर्देश जारी कर दिया गया था. सरकार ने दाना से निपटने की तैयारी पूरी कर ली है. विभिन्न जिलों में कंट्रोल रूम खोले गए हैं. इसके साथ ही आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखा गया है. तटीय इलाके से लाखों लोगों को निकाल कर सुरक्षित इलाके में बने राहत शिविरों तक पहुंचाने का काम जारी है.

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