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दिल्ली में उमस और जलभराव से बढ़ा डेंगू का खतरा, सामने आए 200 से ज्यादा मामले

दिल्ली में मानसून की एंट्री के साथ ही उमस भरी गर्मी और जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. एमसीडी के अधिकारियों ने डेंगू के खतरे से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है. दिल्ली में इस साल 1 जनवरी से अब तक अभी तक 240 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. बारिश से डेंगू के मामलों में जुलाई के अंत तक डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी होने की आशंका है.

दिल्ली में उमस और जलभराव से बढ़ा डेंगू का खतरा. (सांकेतिक फोटो) दिल्ली में उमस और जलभराव से बढ़ा डेंगू का खतरा. (सांकेतिक फोटो)
राम किंकर सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 12:03 PM IST

दिल्ली में मानसून की एंट्री हो चुकी है. बीते दिनों राष्ट्रीय राजधानी में हुई बारिश से 11 लोगों की जान चली गई है. अब मौसम विभाग ने मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि इस हफ्ते दिल्ली में बारिश नहीं और लोगों को उमस भरी गर्मी की मार झेलनी पड़ सकती है.

मौसम विभाग के पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा कि कई इलाकों में हल्की छुटपुट बारिश होगी और जैसे ही बारिश बंद होगी तो तापमान बढ़ेगा. साथ ही रुक-रुक कर होने वाली इस बारिश से जल जनित बीमारियां यानी डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा पैदा करती है.

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दिल्ली में डेंगू एक बड़ी समस्या है. जगह-जगह पर पानी जमा है, जिससे उसमें डेंगू मच्छरों के लार्वा पैदा होने का बड़ा खतरा बढ़ जाता है तो बारिश के दौरान कई बार जलभराव ज्यादा होने पर सप्लाई वाले पानी में गंदा पानी मिक्स होने लगता है. लिहाजा दूषित पानी से लोगों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है.

दिल्ली में डेंगू के आंकड़े

दिल्ली में जुलाई के अंत में या अगस्त के शुरू में डेंगू का सीजन शुरू माना जाता है. देश और दिल्ली में हर साल डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले बारिश के दिनों में ही तेजी से बढ़ते हैं. अगर दिल्ली में इस साल 1 जनवरी से अब तक अभी तक 240 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. बारिश से डेंगू के मामलों में जुलाई के अंत तक डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी होने की आशंका है.

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2020 में कोविड के दौरान डेंगू के 1000 से अधिक मामले आए थे, लेकिन उसके बाद 2021 में डेंगू के मामले 9000 से पार हो गए. और 23 लोगों की जान चली गई. साल 2022 में 4000 से ज्यादा केस सामने आए और 9 लोगों की मौत हो गई. जबकि पिछले साल डेंगू के सात हजार से ज्यादा मामले सामने आए थे और 7 की मौत की पुष्टि हुई थी.
 
MCD स्कूली बच्चों को डेंगू होमवर्क कार्ड

एमसीडी के अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम के सभी स्कूलों के बच्चों को डेंगू होमवर्क कार्ड दिया गया है, जिसके तहत बच्चे साप्ताहिक अपने घरों में गमले में जांच करेंगे कि कहीं पानी इकट्ठा होने की वजह से कहीं मच्छर तो पैदा होने की संभावना तो नहीं हैं. और उसका पूरा ब्योरा कार्ड में लिखकर स्कूल में जमा करेंगे. जहां पर मच्छरों के पैदा होने की संभावनाएं होती हैं. वहां पर दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है.

सफदरजंग अस्पताल के प्रिवेंटिव कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर निदेशक डॉ. जुगल किशोर ने बताया कि डेंगू जैसी जल जनित बीमारी से बचना है तो नियमित तौर पर वो जगह साफ करें, जहां पानी जमा होने का खतरा है और अपना बचाव करें.

वहीं, एमसीडी के सीनियर पब्लिक हेल्थ ऑफिसर ने बताया कि डेंगू फैलने का एकमात्र ट्रांसमिशन मच्छर ही है, लिहाजा जागरूकता और बचाव ही इससे बचने का सबसे बड़ा उपाय है. अभी तक दिल्ली में DEN 2 स्ट्रेन ही मिला है. हालांकि, DEN 1 और DEN 3 संक्रमण में ज्यादा फैलाव करते हैं.

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