
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को हैदराबाद के बिजनेसमेन अरुण रामचंद्र पिल्लई को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अंतरिम जमानत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट जाने को कहा. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने पिल्लई को मामले में अंतरिम जमानत की मांग वाली अपनी याचिका के लिए यह सुझाव दिया. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मेडिकल के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग वाली अपनी याचिका के लिए हाई कोर्ट के समक्ष मेडिकल डॉक्यूमेट्स भी पेश करने के लिए कहा है.
HC के आदेश के खिलाफ गए थे सुप्रीम कोर्ट
अरुण रामचंद्र पिल्लई ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है, जिसने अंतरिम जमानत के साथ-साथ नियमित जमानत की मांग वाली उनकी याचिका को जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया था. याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि उसे 6 मार्च, 2023 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह 18 दिसंबर, 2023 से 24 जनवरी, 2024 तक का वक्त छोड़कर हिरासत में है. बीच में उसे अपनी पत्नी की देखभाल के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी.
उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान और जेल में रहते हुए उनकी तबीयत खराब हो गई थी. उन्होंने आगे दलील दी कि कैद के दौरान याचिकाकर्ता को पीठ के निचले हिस्से में गंभीर दर्द हो रहा है, जिससे उसके रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं.
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इसके साथ ही सही इलाज न होने की वजह से याचिकाकर्ता को अपनी पीठ में नुकसान होने के खतरों की तरफ भी इशारा किया. पिल्लई की याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता ने जेल डॉक्टर को अपनी पीठ की समस्याओं और संबंधित परेशानियों के बारे में अच्छे से बताया है.