बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कल किसानों के साथ बातचीत होगी. उम्मीद है सरकार-किसान के बीच बातचीत सकारात्मक कदम के साथ आगे बढ़ेगी, ऐसा पूरा विश्वास है.
गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में चल रही ग्रुप ऑफ मिनिस्टर की बैठक खत्म हो गई है. ये बैठक लगभग 2 घंटे चली. इस बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केबिनेट सेक्रेट्री राजीव गौबा सहित गृह मंत्रालय और कृषि मंत्रालय के अधिकारी मौजूद थे.
1. तीनों कृषि कानूनों को रद्द किए जाए
2. सभी किसानों और कृषि वस्तुओं के लिए राष्ट्रीय किसान आयोग द्वारा सुझाए लाभदायक MSP पर खरीद की कानूनी गारंटी देने की प्रक्रिया और प्रावधान तय किया जाए.
3. "राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अध्यादेश 2020" में ऐसे संशोधन हों जो अध्यादेश के दंड प्रावधानों से किसानों को बाहर करने के लिए जरूरी हैं.
4. किसानों के हितों की रक्षा के लिए 'विद्युत संशोधन विधेयक 2020' के मसौदे को वापस लेने की प्रक्रिया.
संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने के साथ कुछ मांगों को लेकर पत्र लिखा है. इसमें कहा गया है कि 30 दिसंबर को दोपहर 2:00 बजे वार्ता का निमंत्रण हमें स्वीकार है. बैठक के लिए हमारे द्वारा भेजे प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए धन्यवाद.
नॉर्थ ब्लॉक में किसानों के मसले पर गृहमंत्री की अध्यक्षता में GOM (ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स) की बैठक शुरू हो गई है. इस बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल सहित गृह मंत्रालय के अधिकारी मौजूद हैं. किसानों से कल बातचीत है, उससे पहले ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के क्षेत्र की खापों ने चिट्ठी अभियान शुरू किया है. आज जींद के खटकड़ टोल प्लाजा पर हुई पंचायत के माध्यम से पीएम को भेजी गई चिट्ठी में खापों और किसानों ने तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने गुहार लगाई.
आम आदमी पार्टी ने सिंघु बॉर्डर पर Wi-Fi लगाने का एलान किया है, किसान आंदोलकारियों से मिली मांग के बाद आम आदमी पार्टी सिंघु बॉर्डर पर Wi Fi इंटरनेट सुविधा देगी. आम आदमी पार्टी सिंघु बॉर्डर पर अलग अलग-जगहों पर Wi Fi हॉटस्पॉट लगाएगी.
पटना में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और लेफ्ट पार्टियों की ओर से राजभवन तक निकाले जा रहे मार्च को पुलिस ने रोक दिया है. इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया है.
कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन चल रहा है. पटना में आज अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और लेफ्ट पार्टियों की ओर से मार्च निकाला जा रहा है. यह मार्च राजभवन तक निकाला जाएगा.
एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से संयुक्त किसान मोर्चा के महाराष्ट्र से जुड़े किसान नेताओ ने मुलाकात की. ये किसान नेता सिंघु बॉर्डर और पलवल पर प्रदर्शन में शामिल हैं और सरकार के साथ वार्ता में भी हिस्सा ले चुके हैं. किसान नेताओ के मुताबिक, पवार ने किसान नेताओ ने कहा कि अगर 30 तारीख तक हल नहीं निकाला तो तमाम विपक्ष की पार्टियों के साथ बैठक कर किसानों के पक्ष में खड़े रहेंगे.
केंद्र सरकार किसान आंदोलन को लेकर जवाबी रणनीति पर जोरशोर से जुटी है. 25 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की और नए कृषि कानूनों पर अपना समर्थन जताया. मोदी सरकार इसके जरिए ये संदेश देने की कोशिश कर रही है कि नए कानूनों पर उसे देशभर के किसानों का समर्थन हासिल है और चंद राज्यों के किसान संगठन ही राजनीतिक शह पर विरोध कर रहे हैं
सरकार का प्रस्ताव मिलने पर किसानों ने साफ कहा है कि वो कानून वापस लेने और स्वामीनाथन रिपोर्ट पर ही चर्चा करेंगे. दरअसल 26 दिसंबर को किसानों ने सरकार को 4 शर्तों पर बातचीत का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें पहली शर्त यही है कि तीनों कृषि कानून खारिज करने की प्रक्रिया पर सबसे पहले बात हो. अपनी मांगों के साथ किसान 34वें दिन भी दिल्ली के बॉर्डर पर डटे हैं.