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पूजा खेडकर को दिल्ली HC से राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक बरकरार और अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित

बर्खास्त ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते दिल्ली हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. साथ ही कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को भी बरकरार रखा है.

पूर्व ट्रेनी IAS पूजा खेडकर (फाइल फोटो) पूर्व ट्रेनी IAS पूजा खेडकर (फाइल फोटो)
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 28 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 2:58 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने बर्खास्त ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. साथ ही अदालत ने फैसला आने तक बर्खास्त आईएएस की गिरफ्तारी पर भी रोक को आगे बढ़ दिया है. 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र की बर्खास्त ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रख लिया है. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अग्रिम जमानत पर फैसला आने तक खेडकर की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी.

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पूजा खेडकर की वकील ने कहा कि पूजा खेडकर से हिरासत में पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है. पूजा जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं, अगर उसको हिरासत में लिया जाता है तो उसको नुकसान पहुंचाया जा सकता है.

FIR रद्द करने की नहीं की मांग

पूजा खेडकर की वकील ने कहा कि हमने कभी FIR को रद्द करने की मांग नहीं की. अभी तक जांच में यह बात साबित नहीं हुई है कि मैंने फ्रॉड किया है. अब तक तो अथॉरिटी की कमियां ही सामने आई हैं.

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कितने फर्जी आधार कार्ड बन रहे हैं? ड्राइविंग लाइसेंस बनते हैं. ड्राइविंग लाइसेंस अथॉरिटी  ही जारी करती है.

'आपको क्यों लगाता है...'

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि आपको क्यों लगता है कि आपके खिलाफ UPSC पड़ी हुई है, मामले में बड़ी साजिश के मामले में अभी जांच चल रही है. दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि यह पता लगाने के लिए कि यह एक बड़ी साजिश है या नहीं, पूजा खेडकर से हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता हो सकती है.

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आपको बता दें कि यूपीएससी ने पूजा खेडकर के अपनी शक्तियों के दुरुपयोग सीएसई (सिविल सेवा परीक्षा) 2022 नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करने के मामले में दोषी पाया गया था. 31 जुलाई को यूपीएससी ने एक्शन लेते हुए उनकी उम्मीदवारी रद्द की थी और उन्हें भविष्य की किसी भी परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया था. इसके बाद UPSC ने ट्रेनी आईएएस के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के लिए एक FIR भी दर्ज कराई थी.

वहीं, UPSC द्वारा उनकी उम्मीदवारी रद्द करने के फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने (पूजा खेडकर) दिल्ली HC में याचिका दाखिल की थी.

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