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अथॉरिटीज स्थिति पर बनाए हुए हैं नजर, शांत रहें और सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन करें... दिल्ली के भूकंप पर PM मोदी का पोस्ट

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई, जिसका केंद्र दिल्ली के पास ही धरती से 5 किलोमीटर की गहराई में था. भूकंप के झटके इतने तेज थे कि गड़गड़ाहट की आवाजें सुनाईं पड़ रही थीं.

PM नरेंद्र मोदी (तस्वीर: X/@BJP4India) PM नरेंद्र मोदी (तस्वीर: X/@BJP4India)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 17 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 7:44 AM IST

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) और आस-पास के इलाकों में सोमवार तड़के 5 बजकर 36 मिनट पर भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए. कई सेकंड तक धरती डोलती रही. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई, जिसका केंद्र दिल्ली के पास ही धरती से 5 किलोमीटर की गहराई में था. 

भूकंप के झटके इतने तेज थे कि गड़गड़ाहट की आवाजें सुनाईं पड़ रही थीं. फिलहाल, कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं आई है. 

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'स्थिति पर कड़ी नजर...'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, "दिल्ली और आस-पास के इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैंय सभी से परेशान नहीं होने, सुरक्षा सावधानियों का पालन करने और संभावित झटकों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया गया है. अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं.

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दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा, "दिल्ली में अभी-अभी एक शक्तिशाली भूकंप आया है. मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि सभी सुरक्षित रहें." 

आतिशी की पोस्ट को रीशेयर करते हुए AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा, "मैं सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं." 

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दिल्ली पुलिस ने भी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "हमें उम्मीद है कि आप सभी सुरक्षित होंगे, दिल्ली! किसी भी इमरजेंसी हेल्प के लिए 112 डायल करें."

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दिल्ली में सबसे ज्यादा संवेदनशील इलाके कौन हैं?

कुछ साल पहले, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि अगर कोई शक्तिशाली भूकंप आता है, तो पूर्वी दिल्ली सहित यमुना और उसके बाढ़ के मैदानों के ज्यादातर इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे.

लुटियंस क्षेत्र, जहां संसद स्थित है, दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर, जनकपुरी, रोहिणी, करोल बाग, पश्चिम विहार, सरिता विहार, गीता कॉलोनी, शकरपुर और जनकपुरी के साथ-साथ एक हाई रिस्क वाले इलाके हैं. दिल्ली एयरपोर्ट और हौज़ खास दूसरी सबसे खराब हाई रिस्क कैटेगरी वाले इलाके में आते हैं.

साल 2014 में, दिल्ली विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग द्वारा मिट्टी की संरचना पर आधारित ‘Liquefaction Vulnerability Map of Delhi’ तैयार किया गया था, जिसमें पता चला था कि यमुना बैंक, पीतमपुरा, उत्तम नगर, नरेला और पंजाबी बाग 6.5 तीव्रता के भूकंप के लिए संवेदनशील हैं. 
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