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अरविंद केजरीवाल से मिलीं उपराष्ट्रपति पद की विपक्षी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा, मांगा समर्थन

राष्ट्रपति चुनाव में अरविंद केजरीवाल की पार्टी AAP ने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को समर्थन दिया था. हालांकि, AAP ने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर अभी पत्ते नहीं खोले हैं. माना जा रहा है कि AAP की सबसे बड़ी इकाई पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग को लेकर फैसला किया जाएगा.

दिल्ली में मार्गरेट अल्वा ने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की. दिल्ली में मार्गरेट अल्वा ने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की.
पंकज जैन
  • नई दिल्ली,
  • 23 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 8:35 PM IST
  • AAP जल्द ही PAC की मीटिंग में लेगी फैसला
  • TMC ने उपराष्ट्रपति चुनाव में दूर रहने का फैसला लिया

विपक्ष की उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा ने शनिवार को आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की. अल्वा ने केजरीवाल से समर्थन मांगा है. दोनों के बीच चुनाव को लेकर बातचीत हुई. मार्गरेट आल्वा कर्नाटक की रहने वाली हैं. वह राजस्थान, गोवा, उत्तराखंड और गुजरात की राज्यपाल रह चुकी हैं. 

बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में केजरीवाल की पार्टी AAP ने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को समर्थन दिया था. AAP के विधायकों और सांसदों ने सिन्हा के पक्ष में मतदान किया था. हालांकि, AAP ने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर अभी पत्ते नहीं खोले हैं. माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी की सबसे बड़ी इकाई पॉलिटिकल अफेयर कमेटी यानी कि पीएसी की बैठक में उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग को लेकर फैसला किया जाएगा.

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बताया गया है कि AAP की PAC मीटिंग के बाद तय होगा कि पार्टी किसे सपोर्ट करेगी. जल्दी ही AAP की PAC की मीटिंग होगी.

बताते चलें कि 19 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद के नामांकन की आखिरी तारीख थी. एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के लिए जगदीप धनखड़ को उम्मीदवार बनाया है. जबकि विपक्ष की तरफ से NCP चीफ शरद पवार ने मार्गरेट अल्वा का नाम घोषित किया है. उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 6 अगस्त को होगा. मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसी दिन वोटों की गिनती भी हो जाएगी और चुनाव के नतीजे भी आ जाएंगे. 

गौरतलब है कि देश के वर्तमान उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है. वेंकैया नायडू का कार्यकाल पूरा होने से चार दिन पहले ही ये साफ हो जाएगा कि देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा.

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वहीं, उपराष्ट्रपति चुनाव में TMC ने वोटिंग नहीं करने का फैसला लिया है. ममता बनर्जी से बिना बातचीत किए उपराष्ट्रपति उम्मीदवार की घोषणा क्यों की गई? टीएमसी इस बात से नाराज है और पार्टी ने अपना विरोध दर्ज कराया है. पार्टी में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया है. 85 फीसदी सांसदों ने इसका समर्थन किया है.
 

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