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क्या वायु प्रदूषण से बढ़ती हैं बीमारियां? लोकसभा में केंद्र सरकार ने दिया ये जवाब

NPCCHH के तहत राज्यों के लिए राज्य कार्य योजनाएं तैयार की गई हैं, जिनमें वायु प्रदूषण से निपटने के लिए विशेष उपाय सुझाए गए हैं. साथ ही, जनता और स्वास्थ्य कर्मियों को वायु प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों से बचाव के तरीकों पर शिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं.

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aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 30 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:06 AM IST

वायु प्रदूषण आज देश की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है. यह श्वसन संबंधी बीमारियों को बढ़ाने वाला एक अहम कारक है. लेकिन, सरकार का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस डेटा नहीं है, जो यह साबित कर सके कि सिर्फ वायु प्रदूषण के कारण ही कोई बीमारी होती है. स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण का असर कई कारकों पर निर्भर करता है. इनमें हमारी खान-पान की आदतें, कार्य-स्थल के हालात, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता और पारिवारिक इतिहास जैसे पहलू शामिल हैं.

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उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण जरूर श्वसन संबंधी बीमारियों को गंभीर बनाता है, लेकिन इसका सीधा और अकेला कारण होना अभी तक सिद्ध नहीं हुआ है.

स्वास्थ्य के लिए सरकार की कोशिशें
जाधव ने कहा कि केंद्र सरकार ने देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तकनीकी और वित्तीय सहायता दी जा रही है. वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य पर प्रभाव को कम करने के लिए 2019 में राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम (NPCCHH) की शुरुआत की गई. इस कार्यक्रम के तहत जागरूकता बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं को तैयार करने और स्थानीय स्तर पर समाधान विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है.

राज्यों के लिए विशेष कार्य योजनाएं
NPCCHH के तहत राज्यों के लिए राज्य कार्य योजनाएं तैयार की गई हैं, जिनमें वायु प्रदूषण से निपटने के लिए विशेष उपाय सुझाए गए हैं. साथ ही, जनता और स्वास्थ्य कर्मियों को वायु प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों से बचाव के तरीकों पर शिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं.

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जागरूकता फैलाने पर जोर
सरकार ने लोगों को जागरूक करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं. विश्व पर्यावरण दिवस, स्वच्छ वायु के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस और राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस जैसे मौकों पर देशभर में जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं. स्कूली बच्चों, महिलाओं और कमजोर समुदायों के लिए विशेष सामग्री तैयार की गई है, ताकि उन्हें वायु प्रदूषण के खतरों के बारे में समझाया जा सके.

स्वच्छ ऊर्जा और स्वच्छ भारत का योगदान
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन (LPG) मुहैया कराया गया है. इसके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन ने देश के गांवों और शहरों में सफाई अभियान चलाकर वायु प्रदूषण को कम करने में मदद की है.

वायु प्रदूषण के खिलाफ एकजुट प्रयास
सरकार ने 2019 में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) लॉन्च किया, जिसका मकसद वायु प्रदूषण को कम करना और लोगों को बेहतर जीवन देना है. इसके साथ ही, भारतीय मौसम विभाग वायु गुणवत्ता की जानकारी और चेतावनी जारी करता है, ताकि समय पर तैयारी की जा सके.

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