
गंगोत्री से कलश लेकर बागेश्वर धाम तक की पदयात्रा पर निकली MBBS छात्रा शिवरंजनी तिवारी को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. कुछ लोग धीरेंद्र शास्त्री के लिए इसे प्रेम बता रहे हैं, वहीं कई लोगों का मानना है कि ये सिर्फ प्रसिद्धि पाने के लिए स्वांग रचा जा रहा है. इसको लेकर शिवरंजनी ने कहा कि लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए.
शिवरंजनी ने कहा कि बाबा बागेश्वर के चाहने वाले 16 जून तक इंतजार करें. शिवरंजनी ने कहा कि वह 16 जून को बाबा बागेश्वर के साथ लाइव आकर भक्तों को सबकुछ बताएंगी.
बाबा के अस्पताल में काम करने का सपना
छात्रा शिवरंजनी ने कहा कि बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की तीन बातें उन्हें सबसे अच्छी लगती हैं. सबसे पहली यह कि वे सनातन का प्रचार करते हैं. दूसरी वे हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं और तीसरा उन्होंने कैंसर अस्पताल बनाने की बात कही है. छात्रा ने कहा कि मैं खुद एक मेडिकल की छात्रा हूं, इसलिए मेरे लिए इससे बड़ा सौभाग्य क्या हो सकता है कि मैं उनके अस्पताल में काम करूं.
खुद को बाबा की दासी मानती है छात्रा
छात्रा ने इस बात को सिरे से नकार दिया कि वह पॉपुलैरिटी पाने के लिए ये सब कर रही है. शिवरंजनी ने कहा कि मैं तो खुद को बागेश्वर धाम की दासी मानती हूं और सबको यही बताती भी हूं. छात्रा ने कहा कि उसके परिवार की पहले से ही कलश यात्रा की इच्छा थी. इसलिए परिवार वालों ने कहा कि क्यों न यह कलश यात्रा बागेशवर धाम के लिए करते हैं. MBBS छात्रा ने कहा कि लोग कह रहे हैं कि प्यार के लिए इतना शोर कैसा, लेकिन मेरी कलश यात्रा के केवल दो ही मकसद थे. पहला कि हिंदू धर्म का प्रचार और दूसरा लोग आजकल संस्कार भूल गए हैं, उनको संस्कार के पथ से जोड़ना.