
दक्षिण बंगाल सीमांत के अंतर्गत 68वीं वाहिनी की सीमा चौकी मामाभगिना के जवानों ने पुख्ता खबर के आधार पर तलाशी अभियान में इलाके के एक कुख्यात तस्कर को गिरफ्तार करते हुए उसके घर से कुल 43 किलो गांजा व 371 बोतल फेंसेडिल जब्त की. बीएसएफ के जवान जब आरोपी को पकड़कर ले जा रहे थे तो उसके साथी तस्करों ने अचानक से जवानों पर लाठी–डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें बीएसएफ के चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए.
कैसे हुई छापेमारी?
पुख्ता खबर मिलते ही कंपनी कमांडर ने इसकी सूचना पुलिस थाना बगदाह को दी. इसके बाद रात 10 बजे, जवानों ने गांव के सदस्यों की उपस्थिति में बताए हुए संदिग्ध घरों में दबिश दी. तलाशी में आलमगीर मंडल को उसके घर से 43 किलो गांजा व 371 बोतल फेंसेडिल के साथ गिरफ्तार किया. पकड़े गए तस्कर की पहचान आलमगीर मंडल, पिता का नाम समसेर मंडल गांव नवादापाड़ा, जिला उत्तर 24 परगना के रूप में हुई.
बदमाशों ने जवानों पर किया जानलेवा हमला
बीएसएफ के जवान जब आलमगीर मंडल को पकड़कर ले जा रहे थे तो उसके साथी तस्करों ने अचानक से जवानों पर जानलेवा हमला कर दिया. आखिरकार, जवानों ने आत्मरक्षा में हथियार का इस्तेमाल किया. इसके बाद बदमाश वहां से भाग खड़े हुए. इसके तुरंत बाद जवान, पकड़े गए तस्कर को जब्त सामान के साथ आगे की पूछताछ के लिए सीमा चौकी मामाभागीन लेकर आए.
बीएसएफ की संपति के साथ तोड़फोड़
पकड़े गए तस्कर के साथी सहदेव राय, कालोकमान दफादार, टोटल मंडल, लालटू मंडल, रजाक मंडल, हुसैन मंडल, ज़हीदुल दफादार, जहान अली मंडल और मिजानूर मंडल ने पहले बीएसएफ के जवानों पर हमला किया फिर सीमा निगरानी में लगे सीसीटीवी कैमरे, रिकॉर्डर, कंप्यूटर और कंट्रोल रूम के साथ तोड़फोड़ कर बीएसएफ की संपति को तोड़ दिया. तस्करों के उग्र होने पर बीएसएफ की अतरिक्त टुकड़ी और बगदाह पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बदमाशों को वहां से खदेड़ा और घायल जवानों को घटना स्थल से निकालकर बगदाह अस्पताल पहुंचाया. जहां घायलों में से एक जवान की हालत गंभीर होने के कारण उसको कोलकाता रेफर किया गया.
सीमा चौकी का भी घेराव
घटना स्थल से तीतर–बितर होने के बाद उत्तेजित भीड़ ने तस्कर को छुड़वाने के लिए सीमा चौकी मामाभागीन का भी घेराव किया लेकिन बीएसएफ जवानों ने उनकी इस कोशिश को भी नाकाम कर दिया.
मोस्ट वांटेड था तस्कर
पूछताछ में तस्कर ने बताया कि वह पिछले 6 साल से इस तरह की तस्करी में लिप्त है. तस्कर एनसीबी की लिस्ट में कुख्यात है लेकिन वह पहले कभी रंगे हाथों नही पकड़ा गया. पकड़े गए तस्कर और जब्त सामान को एनसीबी, कोलकाता को सौंपा जा रहा है. इसके अतिरिक्त, बीएसएफ जवानों पर हमला करने और सरकारी सम्पति को नुकसान पहुंचाने वालों तस्कर के साथी बदमाशों के खिलाफ थाना बगदाह में FIR दर्ज करवा दी गई.