
राजस्थान के आदिवासी जिले डूंगरपुर और उदयपुर में चौथे दिन भी कई जगह पर हिंसा जारी रही. सरकार और आंदोलनकारियों के बीच खेरवाड़ा कस्बे में हुई बैठक में शांति समझौता हुआ तो थोड़ी देर बाद उदयपुर के ऋषभदेव में उपद्रवियों ने कस्बे में हमला बोल दिया और जमकर लूटपाट की.
हिंसा फिर से भड़कने पर पुलिस पहुंची तो लोगों ने पहाड़ी पर चढ़कर पथराव करना शुरू कर दिया जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
कल शनिवार हुई खेरवाड़ा की हिंसा में अब तक 2 लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. कहा जा रहा है कि हिंसा के दौरान 50 से ज्यादा वाहन फूंक दिए गए हैं और सौ के आसपास दुकानों और मकानों में लूटपाट हुई है.
शांति समझौते के लिए आज रविवार को खेरवाड़ा पंचायत समिति के भवन में बैठक हुई जिसमें जनजाति मंत्री अर्जुन बामणिया और कांग्रेस नेता रघुवीर मीणा शामिल हुए जहां पर आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच सहमति हुई कि सामान्य वर्ग की खाली रह गई सीटों पर आदिवासी वर्ग के छात्रों को मौका देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सरकार एसएलपी दायर करेगी और मरने वाले लोगों को मुआवजा देगी.
पहाड़ी पर चढ़कर कर रहे हमला
इस समझौते के बाद पुलिस के अधिकारियों ने आंदोलन वाली जगह पर मार्च किया और ऐलान किया कि कल सुबह से उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे खोल दिया जाएगा.
इस समझौते के ऐलान के बाद ही उदयपुर जिले के ऋषभदेव में उपद्रवियों ने पहाड़ी पर चढ़कर हमला करना शुरू कर दिया. माना जा रहा है कि भारतीय ट्राइबल पार्टी के कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल हैं क्योंकि ऋषभदेव और खेरवाड़ा दोनों ही उदयपुर जिले के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में आता है जहां पर भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक तीसरे स्थान पर रहे थे और अब इस आंदोलन के जरिए भारतीय ट्राइबल पार्टी इन इलाकों में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है.
माना जा रहा है कि यह आंदोलन और भड़क सकता है क्योंकि कल बांसवाड़ा और डूंगरपुर के दूसरे इलाकों में भी आदिवासी आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं. डूंगरपुर जिले में अब तक 1 दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है और दर्जनों लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है.
पूरे आदिवासी इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया गया है. इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार आज दिन भर अपने आवास पर आदिवासी इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर बैठक करते रहे.