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म्यांमार और थाईलैंड के बाद मेघालय में भी महसूस किए गए भूकंप के झटके, 4.0 रही तीव्रता

पूर्वोत्तर भारत के राज्य मेघालय में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. यह भूकंप मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स में आया है, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 थी.

मेघालय में भूकंप (प्रतीकात्मक तस्वीर) मेघालय में भूकंप (प्रतीकात्मक तस्वीर)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 28 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 1:59 PM IST

पूर्वोत्तर भारत के राज्य मेघालय (Meghalaya) में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. यह भूकंप मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स में आया है, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 थी. इससे पहले म्यांमार और थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.7 रही.

भूकंप का केंद्र म्यांमार का Sagaing रहा. भूकंप के झटकों की वजह से म्यांमार के मांडलेय में इरावडी नदी पर कथित तौर पर लोकप्रिय एवा ब्रिज (Ava Bridge) ढह गया. कहा जा रहा है कि चीन और ताइवान के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.

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थाईलैंड और म्यांमार में भारी नुकसान  

बैंकॉक में टावर जमींदोज हो गया है जबकि दर्जनों लोग लापता हैं. USGS का कहना है कि हजारों लोगों के मरने की आशंका है. सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें गगनचुंबी इमारतों को भूकंप के झटकों की वजह से हिलते देखा जा सकता है. कई इमारतें झुक गई हैं. 

पीएम मोदी ने जताई चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति पर चिंता जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप बाद की स्थिति पर चिंतित हूं. सभी की सुरक्षा की प्रार्थना कर रहा हूं. भारत हरसंभव सहायता के लिए तैयार है. हमने इस संबंध में प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है. इसके साथ ही विदेश मंत्रालय से कहा है कि वह म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के संपर्क में रहे. सभी के सुरक्षित होने की कामना की.

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कितनी तीव्रता कितनी खतरनाक?

कोई भूकंप कितना खतरनाक है? इसे रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले स्केल के मुकाबले 10 गुना ज्यादा खतरनाक होता है. 

- 0 से 1.9 की तीव्रता वाले भूकंप का पता सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही चलता है.

- 2 से 2.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर हल्का कंपन होता है.

- 3 से 3.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे मानो बगल से कोई ट्रक गुजर गया हो.

- 4 से 4.9 की तीव्रता के भूकंप में खिड़कियां टूट सकतीं हैं. दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं.

- 5 से 5.9 की तीव्रता वाले भूकंप में घर का फर्नीचर हिल सकता है.

- 6 से 6.9 की तीव्रता वाला भूकंप इमारतों की नींव को दरका सकता है, ऊपरी मंजिलों को नुकसान पहुंच सकता है.

- 7 से 7.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतें ढह जातीं हैं. जमीन के अंदर पाइप लाइन फट जातीं हैं.

- 8 से 8.9 की तीव्रता के भूकंप में इमारतों के साथ-साथ बड़े-बड़े पुल भी गिर सकते हैं.

- 9 या उससे ज्यादा की तीव्रता का भूकंप आने पर जमकर तबाही मचती है. कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती हिलती हुई दिखाई देगी. समंदर नजदीक हो तो सुनामी आ सकती है. 

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