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प्रवर्तन निदेशालय यानी की ईडी ने शुक्रवार को एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. यह मामला एक चाइनीज कंट्रोल्ड लोन ऐप घोटाले से जुड़ा है, जिसमें कई लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया था.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी ने एक बयान में बताया कि सिंगापुर के एक नागरिक के निर्देश पर गिरफ्तार आरोपी 230.92 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को भारत में 400 से अधिक फर्जी खातों के जरिए इकट्ठा कर सिंगापुर भेज रहे थे.
कैसे हुआ घोटाला?
आरोपियों ने फर्जी लोन ऐप्स के माध्यम से लोगों को लुभाया और उनके फोन से निजी जानकारी चुरा ली. लोन चुकाने के नाम पर उन्हें ब्लैकमेल किया गया और जबरन अधिक पैसे वसूले गए. अवैध रूप से इकट्ठा किए गए पैसे को शेल कंपनियों के जरिए घुमाया गया और इसे सॉफ्टवेयर/डिजिटल सेवाओं के नकली आयात के रूप में दिखाकर विदेश भेजा गया.
यह पैसा मुख्य रूप से सिंगापुर भेजा गया, जहां इसे विभिन्न कंपनियों में निवेश किया गया. इस मामले में ईडी ने गुरुवार को कोच्चि कार्यालय से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ईडी की जांच में पता चला कि इन आरोपियों ने Nium India Pvt. Ltd. नामक एक ग्लोबल रेमिटेंस कंपनी के माध्यम से पैसे विदेश भेजे. इस कंपनी ने 1,677 करोड़ की संदिग्ध रकम को ट्रांसफर करने में फर्जीवाड़ा किया.
ईडी ने इस मामले में फरवरी 2023 में तलाशी अभियान चलाया था और 123 करोड़ की बैंक जमा राशि फ्रीज कर दी थी. यह मामला हरियाणा और केरल में दर्ज 11 एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें पीड़ितों ने लोन ऐप के जरिए ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी की शिकायत की थी.