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Lok sabha 2024: भीषण गर्मी और लू को लेकर चुनाव आयोग की बैठक... स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया ये निर्देश

लोकसभा के पहले चरण के मतदान के बाद चुनाव आयोग ने गर्मी और लू से निपटने के लिए बैठक की है ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदाता वोट देने आए. मतदान केंद्र पर भीषण गर्मी को देखते हुए मतदानकर्मियों और वोर्टस के लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है. बता दें कि 26 अप्रैल को दूसरे चरण के दौरान कुल 13 राज्यों की 89 सीटों पर मतदान होना है.

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aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 7:44 PM IST

इस समय देश में लोकसभा चुनाव चल रहा हैं. वहीं पहले चरण का मतदान खत्म हो चुका है. इस दौरान कम वोटिंग पर्सेंटेज से चुनाव आयोग चिंतित है. इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने बढ़ती गर्मी के संभावित खतरे से निपटने के लिए मौसम विज्ञान विभाग (IMD), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक की है.

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लोकसभा चुनाव के आगामी दूसरे चरण को प्रभावित करने वाले तमाम पहलुओं पर चर्चा हुई. इस बैठक का उद्देश्य मतदाता और मतदान को प्रभावित करने वाली किसी भी प्रतिकूल गर्मी से संबंधित घटनाओं से निपटने के लिए रणनीति विकसित करना था. दूसरे चरण के दौरान कुल 13 राज्यों की 89 सीटों पर 26 अप्रैल को मतदान होगा. इससे पहले ही भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने पूर्वानुमान में 26 अप्रैल को वोटिंग के दिन सभी प्रदेशों में भीषण गर्मी की स्थिति की आशंका को स्पष्ट किया है.

आईएमडी ने जारी किया पूर्वानुमान

आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में गर्मी के प्रभाव से संबंधित प्रमुख चिंताओं को दूर कर दिया है. हालांकि, मतदान के प्रत्येक चरण से पांच दिन पहले गर्मी और लू की स्थिति का आंकलन और निगरानी करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसमें ईसीआई, आईएमडी, एनडीएमए और एमओएचएफडब्ल्यू के प्रतिनिधि शामिल हैं.

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चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों को गर्मी से संबंधित किसी भी आपातकाल स्थिति में जरूरी सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है. मतदाताओं के आराम और सुरक्षा के लिए मतदान केंद्रों पर शेल्टर हाउस और पानी की उपलब्धता सहित पर्याप्त प्रावधान किए जाएंगे. इनके अलावा जनता को विभिन्न उपायों के बारे में सूचित करने के लिए एक सार्वजनिक सूचना अभियान शुरू करने की योजना बनाई है. इसका प्राथमिक उद्देश्य चुनाव अवधि के दौरान मतदाताओं, चुनाव कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

हीटवेव से निपटने के लिए दिशा-निर्देश जारी

चुनाव आयोग ने इससे पहले 16 मार्च को हीटवेव प्रभाव की रोकथाम के लिए मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधाओं के प्रावधान के संबंध में एक सलाह जारी की थी. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण दोनों ने संभावित हीटवेव स्थितियों से जुड़े जोखिमों से निपटने के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए हैं ताकि भीषण गर्मी के बीच एक सुचारू और सुरक्षित चुनाव हो. 

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