
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं. इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने भी जवाब दिया है.
चुनाव आयोग ने कहा है कि हम राजनीतिक दलों को प्राथमिक हितधारक के तौर पर देखते हैं. यकीनन वोटर्स प्राथमिक हैं. हम इन दलों की ओर से पेश किए गए विचारों, सुझावों और सवालों को महत्व देते हैं. आयोग लिखित तौर पर पूरे तथ्यों के साथ और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए इसका जवाब देगा.
बता दें कि राहुल गांधी, शिवसेना सांसद संजय राउत और एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले ने शुक्रवार को दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन कल्ब पर ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि हम इस टेबल पर महाराष्ट्र में पिछला चुनाव लड़ने वाले पूरे विपक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. हम चुनाव के बारे में कुछ जानकारी लाने जा रहे हैं. हमने वोटर्स और वोटर लिस्ट की स्टडी की. हमारी टीम काम कर रही हैं और हमें कई अनियमितताएं मिली हैं.
उन्होंने आगे कहा कि देश के लिए, विशेष रूप से लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले और उसमें विश्वास रखने वाले युवाओं के लिए, इन निष्कर्षों के बारे में जागरूक होना और उन्हें समझना जरूरी है.
राहुल गांधी ने कहा कि 2019-2024 में 32 लाख मतदाता जुड़े, 2024 के लोकसभा और 2024 के विधानसभा चुनाव में 39 लाख मतदाता जुड़े. महाराष्ट्र के मतदाता महाराष्ट्र की वयस्क आबादी से ज़्यादा हैं. हम सिर्फ़ लोकसभा में महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट और विधानसभा चुनावों में वोटर लिस्ट की मांग कर रहे हैं.
उन्होंने कहा था कि विधानसभा 2019 और 2024 के बीच 32 लाख वोटर्स थे. लोकसभा 2024 और विधासभा 2024 के बीच 39 लाख वोटर्स थे. ये जो अतिरिक्त मतदाता हैं, वो कहां से आए हैं. पांच साल में जितने वोटर्स जोड़े गए थे, उससे ज्यादा वोटर्स पांच महीनों में जोड़े गए.
आयोग ने पिछले साल दिसंबर में भी कांग्रेस के आरोपों का दिया था जवाब
चुनाव आयोग ने इससे पहले पिछले साल दिसंबर में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से जोड़े या हटाए नहीं गए हैं.
कांग्रेस के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा था कि शाम बजे के मतदान के आंकड़ों की तुलना अंतिम मतदान डेटा के साथ करना सही नहीं होगा. चुनाव आयोग ने जोर देकर कहा कि वास्तविक मतदान प्रतिशत को बदलना असंभव है क्योंकि मतदान का विवरण देने वाला फॉर्म 17सी मतदान केंद्र पर मतदान बंद होने के समय उम्मीदवारों के अधिकृत एजेंटों के पास उपलब्ध होता है.
इलेक्शन कमीशन ने कहा था कि महाराष्ट्र मतदाता सूची तैयार करने में पारदर्शिता के साथ नियम-आधारित प्रक्रिया का पालन किया गया. आयोग ने कांग्रेस को जवाब देते हुए कहा था कि मतदाता सूची तैयार करने में कांग्रेस प्रतिनिधियों की भागीदारी सहित उचित प्रक्रिया का पालन किया गया था.