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टेंट से निकलकर बचने के लिए भागे, फिर भी हाथी ने कुचलकर दो मासूमों को मार डाला

ओडिशा के झारसुगुड़ा में जंगली हाथी ने दो भाईयों को कुचलकर मार डाला. दोनों भाई अपने माता-पिता के साथ ईंट भट्ठे के पास टेंट लगाकर सोये हुए थे. रात को 9 बजे हाथी टेंट के अंदर घुसने की कोशिश करने लगा. हाथी को देखकर बच्चे बाहर की तरफ दौड़े. तभी हाथी ने दोनों को कुचलकर मार डाला.

प्रतीकात्मक तस्वीर. प्रतीकात्मक तस्वीर.
aajtak.in
  • झारसुगुड़ा,
  • 05 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 3:06 PM IST

छत्तीसगढ़ से सटे ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में जंगली हाथी ने दो भाईयों को कुचलकर मार डाला. मामला किरमीरा प्रखंड के भौंरा गांव का है. दोनों भाई अपने माता-पिता के साथ ईंट भट्ठे के पास टेंट लगाकर सोये हुए थे. देर रात झुंड से भटके एक दंतैल जंगली हाथी ने उत्पात मचाते हुए उन पर हमला बोल दिया. जान बचाने के लिए दोनों भाई वहां से भागने लगे लेकिन हाथी ने उनके माता-पिता के सामने ही पटकते हुए दोनों को कुचल दिया. इससे दोनों भाईयों की तड़प-तड़प कर वहीं मौत हो गई.

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दोनों बच्चों को बचाने के प्रयास में दंपति गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल पति-पत्नी को झारसुगुड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.

बता दें, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले सहित जशपुर, अंबिकापुर, धमतरी, गरियाबंद और कोरबा सहित ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में भी हाथियों का आतंक बढ़ गया है. अब तक हाथियों ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया है. हाथी किसी भी समय लोगों पर हमला कर देते हैं.

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित परिवार छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले से रोजी रोटी की तलाश में वहां पहुंचा था. देर रात अचानक उनके टेंट पर जंगली हाथी ने हमला बोल दिया. मृतक बच्चों को माता-पिता ने बताया कि रात को 9 बजे उन्हें टेंट का तिरपाल खींचने की आवाज सुनाई दी. जैसे ही वे उठ
तो देखा कि जंगली हाथी टेंट के अंदर आने की कोशिश कर रहा था.

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माता-पिता भी घायल
हाथी को देखते ही उनके दोनों बच्चे जान बचाने के लिए बाहर की तरफ भागे. हाथी भी उनके पीछे भागा. यह सब देख बच्चों के माता-पिता भी हाथी और बच्चों के पीछे दौड़े. इसी बीच हाथी ने बच्चों को पटक कर नीचे गिरा दिया. फिर उन्हें कुचल दिया. दोनों बच्चों की तड़प-तड़प कर वहीं मौत हो गई. बच्चों को बचाने के दौरान उनकी मां भी नीचे गिर गई थी, जिस कारण उनका हाथ टूट गया. पिता को भी चोट आई है. दोनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

हाथियों का आतंक
ओडिसा के झारसुगड़ा जिले के डीएफओ ने इस घटना के संबंध में बताया कि मरने वाले बच्चों की पहचान 9 वर्षीय धनंजय और 11 साल के अभय के रूप में हुई है. कम से कम सात हाथी इस क्षेत्र में तबाही मचा रहे हैं. हाथियों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल है. डीएफओ का यह भी कहना है कि इस क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की सीमा से आए जंगली हाथियों का दल आसपास भटक रहा है. जिसके उपर लगातार नजर रखी जा रही है.

(झारसुगड़ा से नरेश शर्मा की रिपोर्ट)

 

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