
लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर 31 अगस्त की रात को चीन के सैनिकों ने एक बार फिर घुसपैठ करने की कोशिश की. तीन दिनों के भीतर ये दूसरी बार था जब चीनी सैनिक भारत के क्षेत्र में घुसने की फिराक में थे. चीनी सैनिक ब्लैक टॉप और हेलमेट टॉप में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे. लेकिन भारतीय सेना ने चीन की चालबाजी को विफल कर दिया.
इससे पहले पैंगोंग झील की दक्षिणी तरफ 29-30 अगस्त की रात को चीन सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश की थी, लेकिन मुस्तैद भारतीय सेना ने इसे नाकाम कर दिया था. इसके बाद तनाव को कम करने के लिए ब्रिगेडियर लेवल की बैठक हुई. लेकिन इसी बीच चीनी सेना ने एक और नापाक साजिश रच दी.
इस बार चीनी सेना के कई वाहन चुमार इलाके में ब्लैक टॉप पहाड़ियों पर कब्जे के इरादे से पहुंच रहे थे, लेकिन भारतीय सेना को देखते ही चीनी सैनिक वापस लौट गए. बता दें कि ब्लैक टॉप भारत के इलाके में तो है, लेकिन इन पहाड़ियों पर कभी भी सेना की तैनाती नहीं हुई है.
2014 में भी चीनी सेना ने ब्लैक टॉप पर कुछ टेंट लगाए थे, लेकिन भारत के विरोध के बाद करीब 2 महीने के बाद चीनी सेना वहां से वापस चली गई थी. शनिवार रात को चीनी सेना एक बार फिर इस इलाके में कब्जा जमाने के लिए पहुंच रही थी. भारतीय सेना ने उन्हें वापस जाने पर मजबूर कर दिया. ब्लैक टॉप पर चीन की कई वर्षों से नजर है. दरअसल, इस पहाड़ी पर आ जाने से भारत के इलाके पर काफी दूर-दूर तक निगरानी की जा सकती है और यह पहाड़ी भारतीय सेना के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है. इस पर न ही चीन और न ही भारतीय सेना की कोई तैनाती अभी तक रही है.