
बेंगलुरु में कर्नाटक विधानसभा के बाहर आज हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. यहां 48 साल की शाइस्ता बानो और मोहम्मद मुनैद उल्लाह अपने परिवार के 8 सदस्यों के साथ विधानसभा के सामने सामूहिक आत्महत्या करने गए थे. उनके हाथ में मिट्टी के तेल की कैन थी. हालांकि, पुलिस ने उन्हें देख लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी को हिरासत में लेकर उनकी जान बचा ली.
दरअसल, परिवार के लोगों ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क लिया था. वे आग जलाने की कोशिश कर ही रहे थे कि पुलिसकर्मियों ने दखल देते हुए उन्हें रोक लिया. दरअसल, परिवार वित्तीय संकट की वजह से आत्महत्या करने जा रहा था. परिवार के लोगों का कहना था कि अब उनके पास बच्चों को खिलाने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं.
2016 में अदरक की खेती के लिए लिया था 50 लाख का लोन
पीड़ित परिवार ने बताया कि उसने साल 2016 में बेंगलुरु सिटी कोऑपरेटिव बैंक से अदरक की खेती के लिए 50 लाख रुपये का लोन लिया थे. परिवार के लोग अब तक 95 लाख रुपये चुका चुके हैं. उन्होंने ऋण का इस्तेमाल खेती के लिए किया था, लेकिन उसमें उन्हें बहुत नुकसान हुआ. इसकी वजह से वे लोन की बाकी किश्तें नहीं चुका पाए हैं.
1.41 करोड़ में बैंक नीलाम कर रहा है 3 करोड़ का घर
लिहाजा, लोन की रिकवरी के लिए अब बैंक अधिकारी उनके 3 करोड़ रुपये की कीमत वाले घर को 1.41 करोड़ में नीलाम कर रहे हैं. राहत की मांग करते हुए उन्होंने मंत्री जमीर से संपर्क किया और आरोप लगाया कि ब्याज दरों को कम करने के किए गए वादे अभी तक अधूरे हैं. परिवार की एक महिला ने पहले कहा, ‘मैं यहां मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से न्याय की गुहार लगाने आई हूं. हम सड़कों पर आ गए हैं और मेरे पास अपने बच्चे को खिलाने के लिए पैसे नहीं हैं. जमीर अहमद खान ने हमसे वादा किया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ.’
पुलिस ने आईपीसी की धाराओं में दर्ज किया परिवार पर केस
न्याय की मांग करते हुए परिवार ने सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया. पुलिस ने इस मामले में परिवार के खिलाफ आईपीसी की धारा 309 के तहत आत्महत्या का प्रयास करने और विधानसभा के सामने सार्वजनिक उपद्रव करते हुए आत्महत्या की कोशिश करने के आरोप में आईपीसी की धारा 290 के तहत केस दर्ज किया है.