Advertisement

किसान यूनियन ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा- बुराड़ी कभी नहीं जाएंगे, वो खुली जेल है

किसान संगठन बीकेयू क्रांतिकारी (पंजाब) के प्रदेश अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल ने कहा कि बातचीत के लिए रखी गई शर्त किसानों का अपमान है. हम बुराड़ी कभी नहीं जाएंगे. बुराड़ी ओपन पार्क नहीं है एक ओपन जेल है.

किसानों ने बुराड़ी जाने से मना कर दिया है. किसानों ने बुराड़ी जाने से मना कर दिया है.
मौसमी सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 29 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 8:48 PM IST
  • किसान बोले- बुराड़ी पार्क नहीं ओपन जेल है
  • प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी, दिल्ली की सड़कों का करेंगे घेराव

कृषि कानून 2020  के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बुराड़ी जाने से मना कर दिया है. उनका कहना है कि बुराड़ी खुली जेल की तरह है. किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल ने कहा कि बातचीत के लिए रखी गई शर्त किसानों का अपमान है. हम बुराड़ी कभी नहीं जाएंगे. बुराड़ी ओपन पार्क नहीं है एक ओपन जेल है.

Advertisement


उन्होंने कहा कि हमने फैसला किया है कि हम बुराड़ी नहीं जाएंगे. हमें इस बात के साक्ष्य मिले हैं कि बुराड़ी ओपन जेल है. उत्तराखंड किसान संघ के अध्यक्ष से दिल्ली पुलिस ने कहा था कि उन्हें जंतर मंतर ले जाया जाएगा लेकिन उन्हें बुराड़ी मैदान में ले जाकर बंद कर दिया गया.

उन्होंने कहा कि, '' बुराड़ी जेल जाने की बजाए हम दिल्ली में एंट्री के पांच रास्तों का घेराव करेंगे. हमारे पास चार महीने का राशन है तो हमारे लिए चिंता की बात नहीं है. हमारी ऑपरेशन कमेटी आगे का फैसला लेगी.''  उन्होंने कहा कि हम अपने मंच पर किसी भी राजनीतिक दल को जगह नहीं देंगे. फूल ने कहा कि हम लोग 2 महीने से आंदोलन कर रहे हैं चाहे वह कांग्रेस का हो या किसी भी पार्टी का हो, हम किसी को अपना मंच नहीं देंगे.

Advertisement

बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने किसान संगठनों से 3 दिसबंर से पहले बातचीत का प्रस्ताव रखा था. अमित शाह ने कहा था कि ''अगर किसान यूनियन चाहते हैं कि भारत सरकार उनसे जल्द बात करे, 3 दिसंबर से पहले इनसे बात करे, तो मेरा आप सभी को ये आश्वासन है, जैसे ही आप लोग बुराड़ी मैदान में शिफ्ट हो जाते हैं, अपने आंदोलन को एक स्थाई जगह पर शिफ्ट करते हैं और अच्छे तरह से सेट हो जाते हैं तो दूसरे ही दिन भारत सरकार आपकी समस्या और मांगों को लेकर बातचीत के लिए तैयार है.''

उन्होंने अपील करते हुए कहा था कि, '' किसान यूनियन के सभी नेताओं से कहना चाहता हूं कि सभी किसान भाईयों से बातचीत करके उन्हें निर्देशित जगह पर आइए. भारत सरकार बात करेगी. वहां आप लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करिए. इससे किसानों को भी सुविधा रहेगी और सड़क पर आने जाने वाले लोगों को भी सुविधा रहेगी.''

देखें- आजतक LIVE TV

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement