
नए कृषि कानूनों को लेकर किसान और मोदी सरकार में टकराव जारी है. इस बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने आज तक से खास बातचीत में बड़ी बातें कहीं हैं. किसानों के मुद्दे पर रामदेव ने कहा कि संवाद और सहयोग से ही समस्याओं का हल निकलता है. हठयोग से कुछ नहीं होता है.
सरकार को किसानों की मांगों पर विचार करना चाहिए और जो संशोधन किसान चाहते हैं, उसे करना चाहिए. किसानों को भी बीच का रास्ता खोजना चाहिए. कृषि कानूनों को रद्द करने का हठ भी सही नहीं है. ये हठधर्मिता खत्म होनी चाहिए. अभी दोनों तरफ से हठधर्मिता है.
रामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री किसानोंं का अच्छा चाहते हैं, उनकी नीयत किसान की आय दोगुनी करने की है, लेकिन इस कानून से किसानों को अगर आपत्ति है तो उस पर सरकार को अमल करना चाहिए. फिलहाल बीच का रास्ता यही है. रामदेव ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने पर सरकार तैयार नहीं होगी, इस कानून में कुछ तो किसानों के लिए अच्छा होगा. मध्यस्थता के सवाल पर रामदेव ने कहा कि मैं भी किसान का बेटा हूं. मैं मध्यस्थ की भूमिका निभाने को तैयार हूं.
मोदी सरकार पर राहुल गांधी के प्रहार को लेकर रामदेव ने कहा कि राहुल गांधी को अब फुल टाइम पॉलिटिक्स में उतरना चाहिए. पता चला है कि वो अपनी नानी के घर गए हैं. जब वो किसानों के हक की बात कर रहे हैं तो इस वक्त उन्हें यहां होना चाहिए था.
वैक्सीन कोरोना का स्थाई इलाज नहीं
कोरोना के नए स्ट्रेन पर रामदेव ने कहा कि हम इससे मुकाबला करने के लिए तैयार हैं. बचाव, उपाय हमने खोज लिया है. 5 प्राणायाम कोरोना के लिए संजीवनी हैं. कई आयुर्वेदीक औषधी भी तैयारी की गई है. वैक्सीन कोरोना का स्थाई इलाज नहीं है. नए साल के आगाज पर रामदेव ने कहा कि लोकल फॉर वोकल की आवाज बुलंद करेंगे और भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे.