
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है. यशवंत सिन्हा भी किसानों का समर्थन करने आंदोलनस्थल गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे. पूर्व वित्त मंत्री सिन्हा के साथ राकेश टिकैत ने आजतक के साथ खास बातचीत में कहा कि जब दिल्ली में विंटेज कार की रैली हो सकती है तो ट्रैक्टर रैली क्यों नहीं?
गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के समर्थन में आए यशवंत सिन्हा ने कहा कि मेरी इन लोगों से जितनी बातचीत हुई है उससे यही लगता है कि जब तक सरकार इनकी मांगें नहीं मानती तब तक ही आंदोलन चलता रहेगा. उन्होंने कहा कि मैं यहां पर आया था अपनी ओर से और राष्ट्र मंच की ओर से किसान आंदोलन को अपना समर्थन देने.
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि राष्ट्र मंच में राजनीतिक और गैर राजनीतिक दोनों तरीके के लोग हैं उनकी तरफ से मैं आया हूं.
यशवंत सिन्हा और राकेश टिकैत एक साथ आए और दोनों ने बाकी आंदोलनों को भी किसान आंदोलन के साथ जोड़ने का ऐलान किया.
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि यशवंत सिन्हा के पास तजुर्बा है कि उस पार्टी को कैसे ध्वस्त करना है. उन्होंने कहा कि गुरु शिक्षा यह मिली है कि आंदोलन नहीं छोड़ना है. आंदोलन करते रहना है और विपक्ष साथ में है.
आजतक के साथ खास बातचीत में यशवंत सिन्हा ने कहा कि समय ऐसा आ गया है कि सारे आंदोलनों को एक साथ जोड़ कर चलना है सिर्फ किसान आंदोलन नहीं बल्कि बाकी आंदोलनों को भी साथ चलना होगा.
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सिन्हा के साथ राकेश टिकैत ने कहा कि सभी लोगों को अब साथ लेकर चलना है. किसी को हम नहीं छोड़ सकते. ट्रैक्टर भी किसान चलाते हैं और टैंक भी किसान चलाते हैं जो पुलिस वालों की समस्या है उसका समाधान भी हमारे जरिए ही करना होगा.
राकेश टिकैत ने कहा कि अब हम दिल्ली के चारों तरफ बैठ गए हैं. जब दिल्ली में विंटेज कार की रैली हो सकती है तो ट्रैक्टरों की रैली क्यों नहीं हो सकती. हमारे ही मंच से सभी को प्लेटफार्म मिलेगा अलग-अलग प्लेटफार्म कहां बनाते रहेंगे.