Advertisement

कृषि कानूनों को वापस लेने पर मोदी सरकार का बड़ा कदम, 29 नवंबर को लोकसभा में बिल पेश करेंगे तोमर

तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की दिशा में केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. कैबिनेट मीटिंग में तीनों कानून को वापस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब इसे संसद में पेश करने की तैयारी है.

किसान आंदोलन किसान आंदोलन
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 1:38 PM IST
  • तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की दिशा में केंद्र का बड़ा कदम
  • कैबिनेट मीटिंग में मंजूरी, अब संसद में पेश करने की तैयारी

तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की दिशा में केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. कैबिनेट मीटिंग में तीनों कानून को वापस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब इसे संसद में पेश करने की तैयारी है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर तीनों कानून को सोमवार (29 नवंबर) को लोकसभा में पेश करेंगे.

19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया था कि केंद्र सरकार तीनों कृषि कानून वापस लेने जा रही है. पीएम ने किसानों से आंदोलन खत्म करने और अपने-अपने घर लौट जाने की अपील की थी. हालांकि, किसान नेता राकेश टिकैत ने आंदोलन की पूरी तरह से खत्म करने से इनकार किया था और संसद में कानून रद्द होने पर ही अगले कदम उठाने की बात कही थी.

Advertisement

दरअसल संसद में कानून बनाने और उसे रद्द करने की एक प्रक्रिया होती है. जिस तरह कानून बनाने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी है, उसी तरह रद्द करने के लिए भी सदन की मंजूरी आवश्यक है. ऐसे में कृषि कानूनों को सदन में पेश करने के बाद इसे रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

कृषि कानूनों पर क्यों पीछे हटी मोदी सरकार?

जून, 2020 में मोदी सरकार इन तीनों कृषि कानूनों का अध्यादेश लेकर आई. उस वक्त सरकार के इस फैसले का जमकर विरोध हुआ. जोरदार हंगामे के बीच सितंबर में ये कानून पास हो गए. 27 सितंबर, 2020 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इन्हें मंजूरी दे दी. कानून बनाने के फैसले और इस पर मुहर लगने का किसानों ने खुलकर विरोध किया. देश के अलग-अलग इलाकों में  किसानों के प्रदर्शन शुरू हो गए. पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया और दिल्ली बॉर्डर पर तो जाम लग गए.

Advertisement

सरकार और किसान संगठनों के बीच इस मुद्दे को लेकर कई दौर की बातचीत हुई, पर कोई खास नतीजा नहीं निकला. सरकार किसानों के हिसाब से संशोधन की तैयार थी, लेकिन किसान वापसी पर अड़े रहे. इस बीच किसानों ने अपना आंदोलन जारी रखा. आखिरकार किसानों की मांग के सामने सरकार को झुकना पड़ा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे वापस लेने का ऐलान किया.

क्या हैं वो 3 कृषि कानून:
1. कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) कानून 2020
2. कृषक (सशक्तिकरण-संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार कानून 2020
3. आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून 2020

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement