
नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों पर दिल्ली की सर्दी सितम ढा रही है. किसान ठंड का मुकाबला तो कर ही रहे थे, लेकिन रविवार की बारिश ने किसानों की मुश्किलें और भी बढ़ा दी. पिछले 24 घंटे में टिकरी और कुंडली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे दो किसानों की मौत हो गई है.
किसानों के परिवारवालों ने कहा है कि ये मौतें ठंड से हुई हैं और इस लापरवाही के लिए सरकार जिम्मेदार क्योंकि सरकार किसानों की मांगें नहीं मान रही है. पहली मौत टिकरी बॉर्डर पर हुई है. यहां मृतक किसान की पहचान जुगबीर सिंह के रूप में हुई है. जबकि दूसरे किसान की मौत कुंडली बॉर्डर पर हुई है, इनकी पहचान कुलबीर सिंह के रूप में हुई है.
रिपोर्ट के मुताबिक रविवार सुबह-सुबह टिकरी बॉर्डर पर 65 वर्षीय किसान जुगबीर सिंह की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. जुगबीर सिंह जींद के इटल कलां गांव के रहने वाले थे. वे काफी दिनों से प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे थे.
वहीं सोनीपत के गंगाना गांव के रहने वाले कुलबीर सिंह की भी आज मौत हो गई. कुलबीर 45 साल के थे. वे इस आंदोलन में शुरू से ही शामिल थे. परिवार का कहना है कि ठंड के कारण रविवार को उनकी मौत हो गई. सूचना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया है. वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है. परिजनों ने आर्थिक मदद की मांग की है.
मृतक कुलबीर के बेटे दीपक ने कहा कि उनके पिता पहले भी कई बार किसान आंदोलन में पहुंचे हैं. फिलहाल पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवा रही है. मौत की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही लग पाएगी.