गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर की बैठक खत्म हो गई है. बैठक में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे. करीब ढाई घंटे बैठक चली. सरकार के प्रस्ताव को किसान संगठनों के खारिज करने के बाद यह बड़ी बैठक हुई है.
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने होंगे. सरकार MSP पर हेरफेर कर रही है. समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है. आंदोलन अब आम किसान के हाथ में है.
किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. किसान नेताओं के इस ऐलान के बाद हलचल बढ़ गई है. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए उनके आवास पहुंचे हैं.
किसान नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली और आसपास के राज्यों से 'दिल्ली चलो' की हुंकार भरी जाएगी. बाकी राज्यों में अनिश्चितकाल तक के लिए धरने जारी रखे जाएंगे. किसान नेता डॉ दर्शन पाल ने कहा कि 12 दिसंबर तक जयपुर-दिल्ली हाइवे जाम कर दिया जाएगा. किसान नेताओं ने रिलायंस जियो के उत्पादों का बहिष्कार करने का भी ऐलान किया है. किसान नेताओं ने कहा कि बीजेपी के नेताओं का पूरे देश में घेराव होगा.
कृषि कानूनों पर सरकार के प्रस्ताव को किसानों ने खारिज कर दिया है. किसान नेताओं ने कहा कि कानून रद्द होने तक हम आंदोलन को तेज करेंगे. बीजेपी के नेताओं का किसान घेराव करेंगे. 14 दिसंबर को देशभर में धरना-प्रदर्शन होगा. दिल्ली की सड़कों को जाम करेंगे. किसान नेताओं ने कहा कि जयपुर-दिल्ली हाइवे को 12 दिसंबर तक रोका जाएगा. पूरे देश में आंदोलन होगा. सरकार के मंत्रियों का घेराव होगा. 12 दिसंबर को सभी टोल प्लाजा फ्री करेंगे. दिल्ली की सड़कों को जाम करेंगे.
सरकार के प्रस्ताव पर किसानों की सहमति के आसार कम हैं. अधिकतर किसान नेता तीनों कानून के वापसी से कम मानने को तैयार नहीं हैं.
सरकार के प्रस्ताव पर किसान नेता अपना रुख स्पष्ट करेंगे. डेढ़ घंटे से चली आ रही किसानों की बैठक खत्म होने वाली है. शाम 5 बजे किसान नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद किसान शाम पांच बजे के करीब प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर इस वक्त 40 किसान संगठनों की बैठक जारी है, इनमें से 13 कल अमित शाह के साथ मीटिंग में मौजूद थे. राकेश टिकैत, मंजीत राय किसानों को बैठक की जानकारी देंगे, सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे. यहां योगेंद्र यादव और मेधा पाटकर भी मौजूद हैं.
केंद्र सरकार का प्रस्ताव मिलने के बाद किसानों की बैठक शुरू हो गई है. इस बैठक में वो सभी 40 संगठन शामिल हैं, जो सरकार के साथ बातचीत करते आए हैं.
ऑल इंडिया किसान संगठन के राजा राम सिंह का कहना है कि उन्हें सरकार का प्रस्ताव मिला है. सरकार ने MSP जारी रखने, APMC को मजबूत करने, प्राइवेट कंपनियों के रजिस्ट्रेशन की बात कही है. सरकार के प्रस्ताव पर अब बैठक की जाएगी.
सिंघु बॉर्डर पर किसान संगठनों की बैठक हो रही है. अभी पंजाब के 32 किसान संगठन सिंघु बॉर्डर पर मीटिंग कर रहे हैं. इसके बाद आठ अन्य संगठन भी आएंगे, जिसके बाद राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन की बैठक होगी. हालांकि, किसान नेता जगजीत सिंह दलेवाल ने बताया कि अभी हमारे पास सरकार का कोई प्रपोजल नहीं आया है, जैसे ही वो मिलेगा किसान नेता चर्चा करेंगे. किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि ये किसानों के सम्मान की बात है, ऐसे में किसान अपनी बात से पीछे नहीं हटेंगे. सरकार ने सिर्फ संशोधन का प्रस्ताव भेजा है, जो किसानों को मंजूर नहीं है.
किसानों के आंदोलन के बीच दोपहर दो बजे बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और नेता भूपेंद्र यादव इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे.
कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े किसानों को सरकार ने अपना प्रस्ताव भेजा है. जिसमें मौजूदा कानूनों में संशोधन शामिल हैं, इनमें किसानों की मांग को शामिल किया जा रहा है.
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक अक्षय कुमार ने कृषि कानून के मसले पर पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है. दूसरी ओर आज किसान नेताओं की मीटिंग हिंदुस्तान टाइम्स गैलरी हॉल सिंघु बॉर्डर पर होगी. इसमें वह तमाम 40 किसान नेता इस बैठक में शामिल होंगे जो सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं.
किसानों के आंदोलन के बीच विपक्ष अपनी रणनीति बनाने में जुटा है. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में बुधवार को एनसीपी नेता शरद पवार और अकाली दल के सुखबीर बादल की बैठक चल रही है. इससे पहले अकाली दल नेता प्रेम चंदूमाजरा शरद पवार से मिलने उनके घर आए थे. चंदूमाजरा ने कहा है कि शरद पवार भी चाहते हैं कि मुद्दे का हाल बातचीत से निकले. अगर सरकार ने किसानों की बात नहीं मानी तो तो आगे उसी के हिसाब से रणनीति बनेगी. बता दें कि आज शाम को विपक्ष को इस मसले पर राष्ट्रपति से मिलना है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर फिर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट किया कि पीएम मोदी की अगुवाई में रिफॉर्म का मतलब चोरी होती है, इसलिए इन्हें लोकतंत्र से छुटकारा चाहिए.
नोएडा से दिल्ली जाने वाले मार्ग डीएनडी बॉर्डर पर लंबा जाम लग गया है. दिल्ली पुलिस ने राजधानी में एंट्री वाली जगह पर बैरिकेडिंग की है, जिसके कारण जाम की स्थिति बन गई है.
किसानों को सरकार की ओर से आज लिखित प्रस्ताव दिया जाना है, इस बीच केंद्रीय कैबिनेट की बैठक शुरू हो गई है.
भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत के मुताबिक, सरकार आज लिखित ड्राफ्ट भेजेगी जिसपर किसान चर्चा करेंगे. उम्मीद है कि शाम तक सब साफ हो जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार पहली बार कोई लिखित प्रस्ताव दे रही है, जो अहम है. हमारे साथ नरम दल, गरम दल और क्रांतिकारी दल भी है, ऐसे में सबको साथ लेकर चलना होगा. किसान अपनी दिक्कतों का समाधान चाहता है.
शाह संग बैठक में क्या रहा खास, सरकार ने किन बिंदुओं पर दिखाई रजामंदी, क्या बोले किसान?
आज नहीं होगी अब मीटिंग, सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद होगा फैसला: हनन मुल्ला
कृषि कानून वापस नहीं लेगी सरकार, 3 बड़े संशोधनों पर राजी, जानिए कहां अटका पेच
किसानों को सुबह 11 बजे तक सरकार की ओर से लिखित प्रस्ताव मिल जाएगा. इसके बाद सिंधु बॉर्डर पर ही किसानों की दोपहर 12 बजे बैठक होगी, जिसमें प्रस्ताव पर चर्चा होगी और आगे की बात की जाएगी.
मंगलवार को भारत बंद की मियाद खत्म होने के बाद अचानक ही अमित शाह और किसान नेताओं की बैठक की बात सामने आई. देर रात तक चली इस बैठक में करीब 13 किसान नेता शामिल हुए, हालांकि कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. किसान नेताओं ने माना कि सरकार कानून वापस लेने के मूड में नहीं है, हालांकि बुधवार को किसानों को एक लिखित प्रस्ताव मिलेगा. साथ ही आज होने वाली सरकार के साथ बैठक रद्द कर दी गई. अब दोपहर को सिंधु बॉर्डर पर होने वाली मीटिंग में किसान आगे की रणनीति बनाएंगे.