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किसान आंदोलन: MSP का दायरा बढ़ा सकती है सरकार, किसानों संग मीटिंग में संकेत

किसानों और सरकार के बीच अभी तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है. किसान दिल्ली की सीमा पर लंबे वक्त से डटे हैं, हालांकि बैठक में सरकार ने कुछ नरमी के संकेत दिए हैं. 

अबतक हो चुकी है चार राउंड की चर्चा (PTI) अबतक हो चुकी है चार राउंड की चर्चा (PTI)
हिमांशु मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 04 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 12:39 PM IST
  • किसानों और सरकार में नहीं बनी कोई ठोस बात
  • MSP समेत अन्य मुद्दों पर नरमी बरत सकती है सरकार

कृषि कानून के खिलाफ जारी किसान आंदोलन का समाधान जुटाने में मोदी सरकार लगी हुई है. बीते दिन किसानों और सरकार के बीच करीब सात घंटे की बैठक चली. अभी कोई अंतिम नतीजा तो नहीं निकला है, लेकिन किसानों की मांगों को देखते हुए केंद्र सरकार ने कुछ मुद्दों पर ठोस भरोसा दिया है. किसानों की मुख्य चिंता MSP को लेकर है, जिसपर सरकार की ओर से किसानों को भरोसा दिया गया है. 

सूत्रों की मानें तो सरकार-किसानों की बातचीत से ये संकेत मिले हैं कि सरकार MSP को सशक्त करने की कोशिश करेगी और इसका दायरा बढ़ा सकती है. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि MSP जारी रहेगी, इसे कैसे बढ़ाया जाए इसपर विचार होगा. किसानों की मांग को देखते हुए सरकार MSP का दायरा बढ़ा सकती है और आलू-प्याज जैसी फसलों को इसमें शामिल कर सकती है.

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इसके अलावा किसानों की मुख्य शिकायत ये थी कि प्राइवेट प्लेयर के साथ किसानों की शिकायत का निपटारा SDM नहीं बल्कि सिविल अदालत में होना चाहिए. सूत्रों की मानें तो सरकार इसपर भी विचार कर सकती है. 

सूत्रों की मानें, तो किसान संगठनों ने ये भी कहा कि जिन व्यापारियों को प्राइवेट मंडियों में व्यापार करने की इजाजत मिलती है, उनका रजिस्ट्रेशन भी होना चाहिए. अभी तक इसमें सिर्फ पैन कार्ड को जरूरी बताया गया है, ऐसे में अब सरकार किसानों की इस मांग पर विचार कर सकती है. 

आपको बता दें कि किसानों और सरकार के बीच अबतक चार राउंड की बैठक हो चुकी है, लेकिन आंदोलन खत्म करने को लेकर कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है. अभी पांच दिसंबर को एक बार फिर बैठक होनी है, ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है किसानों ने जो चिंताएं जाहिर की है उनपर सरकार कोई ठोस कदम उठा सकती है. 

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