पीलीभीत के थाना सेरामऊ उत्तरी के गांव बारी बुझिया में पुलिस ने तिरंगे का अपमान का आरोप लगाते हुए मृतक के पिता और पत्नी समेत 3 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने शव पर तिरंगा लपेटने को राष्ट्र ध्वज का अपमान माना. सेरामऊ उत्तरी के थानाध्यक्ष आशुतोष रघुवंशी की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है. युवक की दिल्ली में 25 जनवरी को सड़क हादसे में मौत हो गई थी. 3 फरवरी को मृतक का अंतिम संस्कार किया गया. युवक 23 जनवरी को गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने गया था.
नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन को धार देने के लिए आंदोलनकारी गांव-गांव जाकर 6 फरवरी को प्रस्तावित “चक्का जाम” को सफल बनाने की रणनीति में जुट गए हैं. बता दें कि 6 फरवरी को दोपहर 12 से 3 बजे तक संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से देश भर में “चक्का जाम” का ऐलान किया गया है.
किसान आंदोलन को लेकर छिड़े सियासी घमासान के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट करके है कि प्रोपेगेंडा देश की एकता को नहीं तोड़ सकता. एकजुट होकर प्रगति की ओर चलेंगे. कोई भी दुष्प्रचार भारत को ऊंचाइयों तक जाने से नहीं रोक सकता. गृहमंत्री ने ये बातें विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के ट्वीट पर लिखी हैं.
अकाली दल नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि कंगना रनौत ट्विटर पर घटिया बयानबाजी कर रही हैं. उस किसान को आतंकवादी कह रही हैं जिसका बेटा बॉर्डर पर लड़ता है. ऐसा बयान देश विरोधी, जवान विरोधी और किसान विरोधी है. इसलिए कंगना रनौत के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए. उन्होंने कहा कि गंदी राजनीति चमकाने के लिए किसानों को आतंकवादी कहा जा रहा है, आखिर सरकार क्यों चुप है. सरकार को कंगना रनौत के खिलाफ कार्रवाई करे वरना पूरा मामला कोर्ट लेकर जाएंगे.
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राहुल गांधी के बयान को कांग्रेस भी गंभीरता से नहीं लेती. अगर 'M' से शुरू करें तो मोती लाल नेहरू का भी नाम आता है, इसलिए उन्हें देखकर टिप्पणी करनी चाहिए.
संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने धमकाया कि कोई पीछे नहीं हटेगा, बातचीत में हम विश्वास नहीं रखते हैं. राहुल जी ये तो किसानों का आंदोलन हैं और किसानों ने कहा है कि उनका किसी राजनीतिक पार्टी से कोई सरोकार नहीं है. फिर आप उनके पैरोकार क्यों बन रहे हैं?
किसानों के मसले पर राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी चाहते हैं कि सड़कों पर लड़ाई हो. किसानों के कंधे पर सियायत की कोशिश की जा रही है. क्या उपद्रवी राहुल के अपने हैं?
महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जींद में मंच भी टूटा, भीड़ का रिकॉर्ड भी टूटा, वर्ष 2021 युवा क्रांति का साल है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को केंद्र सरकार पर हमला बोला. राहुल गांधी ने दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में की जा रही बैरिकेडिंग पर सवाल उठाए. राहुल ने कहा कि पीएम मोदी को तुरंत किसानों की बात माननी चाहिए और तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए.
किसानों की महापंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि जब-जब राजा डरता है, तब-तब किलेबंदी करता है. दिल्ली में कीलें लगाई जा रही हैं, हम वो अपने खेतों में भी लगाते हैं. राकेश टिकैत ने कहा कि अभी हमने बिल वापसी की बात की है, अगर गद्दी वापसी की बात हुई तो क्या करोगे. टिकैत ने कहा कि अभी जींद वालों को दिल्ली कूच की जरूरत नहीं है, आप यहां पर ही रहे.
हरियाणा के जींद में किसानों की महापंचायत हो रही है. यहां पर बना मंच टूट गया है. मंच पर तय सीमा से अधिक लोग चढ़ गए थे, जिसके बाद मंच ही टूट पड़ा. इस दौरान राकेश टिकैत भी वहां मौजूद थे. लेकिन सभी लोग संभले और राकेश टिकैत ने कहा कि कोई दिक्कत नहीं है, किसानों की लड़ाई मजबूती से लड़ी जा रही है.
हरियाणा के जींद में जारी महापंचायत में तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ है. इसमें कानून वापसी, MSP, किसानों पर दर्ज केस वापसी की मांग की गई है. किसान नेता राकेश टिकैत भी इस दौरान मंच पर मौजूद हैं.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गणतंत्र दिवस हिंसा की जांच को लेकर दायर की गई याचिका को सुनने से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा कि वो ये अपील सरकार के सामने करें. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार इस मामले में एक्शन ले रही है, ऐसे में हम इस मामले में दखल नहीं देना चाहते हैं आप सरकार के सामने अपील कीजिए.
करीब 141 वकीलों द्वारा चीफ जस्टिस एस.ए. बोबडे को चिट्ठी लिखी गई है. जिसमें अपील की गई है कि किसान आंदोलन के आसपास हुए इंटरनेट बैन, दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान पुलिस की नाकामी की जांच के मामले में सर्वोच्च अदालत दखल दे.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार दोपहर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसान आंदोलन पर बात की. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आंदोलन में कई लोग गायब हुए हैं, जिनके परिवारवाले परेशान है. ऐसे में केंद्र सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए और लोगों की मदद करनी चाहिए.
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किसान नेता राकेश टिकैत हरियाणा के जींद के लिए रवाना हो गए हैं. यहां पर आज किसानों की महापंचायत होनी है, जिसे टिकैत भी संबोधित करेंगे. किसान आंदोलन के पक्ष में हरियाणा और यूपी में अलग-अलग इलाकों में पंचायत की जा रही है.
भारत में जारी किसानों के आंदोलन को लेकर लंदन में एक ओपन पेटिशन स्टार्ट की गई है. इसमें प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा, प्रेस फ्रीडम की अपील की गई है. इस पेटिशन को गुरचरण सिंह ने शुरू किया है, जिसमें भारत की सरकार से अपील की गई है. अगर पेटिशन में लाखों में साइन होते हैं तो ब्रिटिश संसद में ये मसला उठ सकता है.
वहीं, भारत में ऑल इंडिया किसान संघर्ष कमेटी द्वारा देश के अलग-अलग हिस्सों में जागरुकता फैलाने की बात कही गई है. तीन फरवरी से दस फरवरी तक देश के अलग-अलग गांवों में आंदोलन को लेकर जागरुकता फैलाई जाएगी.
हरियाणा के जींद में आज महापंचायत होनी है, यहां कंडेला और खटकड़ के पास दो कार्यक्रम होने हैं. राकेश टिकैत इसमें हिस्सा लेंगे. यहां राज्य के अलग-अलग हिस्सों से किसान नेता आ रहे हैं. राकेश टिकैत की अपील के बाद से ही पश्चिमी यूपी, हरियाणा के किसान एकजुट हुए हैं. खासकर जाट समुदाय का खुलकर समर्थन मिल रहा है.
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सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को कई याचिकाओं पर सुनवाई होनी है. गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा की जांच को लेकर कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिनपर आज चीफ जस्टिस की बेंच सुनवाई करेगी.
भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत बुधवार को कांडला खाप द्वारा बुलाई गई महापंचायत में हिस्सा लेंगे. गाजीपुर बॉर्डर में जारी प्रदर्शन को हरियाणा में खासा समर्थन मिल रहा है, यही कारण है कि राकेश टिकैत यहां भी पहुंच रहे हैं. किसानों के समर्थन में बीते दिनों में पश्चिमी यूपी और हरियाणा में कई महापंचायतें हो चुकी हैं.