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दिल्ली मार्च के चार साल पूरे होने पर किसान निकालेंगे 'चेतावनी रैली', SKM का ऐलान

किसानों ने दिल्ली मार्च के चार साल पूरा होने पर 'चेतावनी रैली' निकालने का ऐलान किया है. ये रैली 50 हजार से ज्यादा गांवों से होकर गुजरेगी. इस दौरान किसान संगठन गाड़ियों के काफिले और पदयात्रा के जरिए अपनी मांगों को उठाएंगे.

किसानों के दिल्ली मार्च के चार पूरा होने पर चेतावनी रैली निकालेंगे किसानों के दिल्ली मार्च के चार पूरा होने पर चेतावनी रैली निकालेंगे
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 17 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 8:45 PM IST

किसानों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा है कि वह किसानों के दिल्ली मार्च के चार साल पूरे होने के मौके पर 26 नवंबर को 500 जिलों में 'चेतावनी रैलियां' आयोजित करेंगे. किसानों की यात्रा 500 जिलों से होकर गुजरेगी. साथ ही SKM ने चेताया है कि अगर उनकी मांगों को सरकार नहीं मानती है तो वो अगले साल इससे भी बड़ी यात्रा निकालेंगे. इस बात की घोषणा संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों के साथ हुई मीटिंग के बाद बुधवार की गई.

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अखिल भारतीय किसान सभा के नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि सरकार ने अब तक अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं की है. सरकार ने किसानों को धोखा दिया है. इसलिए हमने देश भर में रैलियां करने का फैसला किया है. वहीं क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को अगर नहीं मानती है तो वो 2025 में और बड़ा आंदोलन करेंगे.

50 हजार से ज्यादा गांवों को कवर किया जाएगा

हरियाणा किसानों के विरोध प्रदर्शन का गढ़ रहा है और अभी हुए प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को भारी जीत मिली है. भाजपा की सत्ता में वापसी के बारे में पूछे जाने पर दर्शन पाल ने कहा कि भले ही भाजपा चुनाव जीत गई हो लेकिन लगभग 60 प्रतिशत लोगों ने बीजेपी के खिलाफ मतदान किया और किसानों ने उनके खिलाफ ज्यादा मतदान किया है.

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किसान संगठन ने कहा कि बहुत बड़ा आंदोलन 7 से 25 नवंबर के बीच किया जाएगा. जिसमें एसकेएम की राज्य कमेटियों के द्वारा 50 हजार से ज्यादा गांवों को कवर किया जाएगा.

एसकेएम प्रत्येक जिले के 100 गांवों को कवर करेगा, जो गाड़ियों के काफिले और पदयात्रा के जरिए अपनी मांगों का प्रसार डोर-टू-डोर करेगा. इसके अलावा केंद्र सरकार को C2+50 प्रतिशत के फॉर्मूले और किसानों के द्वारा मांगें गए अन्य मांगों को पूरा करने के लिए कहा जाएगा. साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने के लिए तीन महीने का अल्टीमेटम दिया जाएगा.

बता दें कि चार साल पहले किसानों ने 378 दिन तक दिल्ली में आंदोलन किया था. फिर कृषि कानूनों को मोदी सरकार ने वापस ले लिया था, जिसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन खत्म किया. फिर 11 दिसंबर को किसान वापस चले गए थे.

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