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नोएडा बॉर्डर से हटी बैरिकेडिंग, फिलहाल दिल्ली कूच नहीं करेंगे किसान

दिल्ली कूच को लेकर नोएडा से आगे बढ़ रहे किसानों के समूह ने दलित प्रेरणा स्थल के पास नोएडा पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी है. किसानों संगठन के कार्यकर्ता यहां से आगे बढ़ गए हैं. इस बीच DND के पास नोएडा पुलिस ने बाड़बंदी सख्त कर दी है.

प्रदर्शनकारी किसान नोएडा के दलित प्रेरणा स्थल पर कर रहे हैं प्रदर्शन प्रदर्शनकारी किसान नोएडा के दलित प्रेरणा स्थल पर कर रहे हैं प्रदर्शन
अरविंद ओझा/कुमार कुणाल/भूपेन्द्र चौधरी
  • नोएडा,
  • 02 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 5:47 PM IST

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्व में हजारों किसान नोएडा से दिल्ली की तरफ कूच कर रहे थे, जिन्हें दलित प्रेरणा स्थल पर रोका गया. किसान नए कृषि कानूनों के तहत मुआवजे और लाभ की 5 मांगों पर जोर दे रहे हैं. प्रदर्शनकारी किसान नोएडा के दलित प्रेरणा स्थल से बैरिकेडिंग तौड़कर आगे बढ़ गए थे. हालांकि बाद में किसानों ने सड़क खाली कर दी और दलित प्रेरणा स्थल पर ही रुक कर प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं, दिल्ली-नोएडा बॉर्डर से बैरिकेडिंग हट रही है. 

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प्राधिकरण के अधिकारियों ने मांगा एक हफ्ते का समय
संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा सोमवार को दिल्ली कूच के लिए किए गए आंदोलन के बाद किसानों और प्राधिकरण के बीच कई घंटों तक बातचीत चली. इसके बाद ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों ने समस्या के समाधान के लिए एक हफ्ते का समय मांगा है. बैठक में यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह, नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ महेंद्र प्रसाद और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी मौजूद रहे. इसके अलावा पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी बातचीत में शामिल हुए.

किसानों ने प्राधिकरण के आश्वासन को स्वीकार करते हुए दलित प्रेरणा स्थल में एक हफ्ते तक इंतजार करने का निर्णय लिया है. हालांकि, किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे दिल्ली कूच करेंगे. फिलहाल, किसानों द्वारा एक्सप्रेसवे पर लगाए गए अवरोधक हटा दिए गए हैं और अब वहां से यातायात सुचारू रूप से चल रहा है.

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नोएडा के जॉइंट सीपी बोले- स्थिति नियंत्रण में
किसानों द्वारा आज घोषित 'दिल्ली चलो' मार्च को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच लगातार बातचीत हुई. इस संबंध में नोएडा के जॉइंट सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) शिवहरी मीना ने कहा, "किसानों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखी हैं, और अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है. अब यातायात पूरी तरह से सामान्य हो गया है."
प्रदर्शन के दौरान किसानों और प्रशासन के बीच कई दौर की बातचीत हुई. अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए समय मांगा, जिसके बाद किसान फिलहाल दलित प्रेरणा स्थल में धरने पर बैठने को राजी हुए. प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, और एक्सप्रेसवे पर आवागमन सुचारू रूप से जारी है.

अभी दिल्ली कूच नहीं करेंगे किसान
किसानों ने तय किया है कि वह फिलहाल दिल्ली कूच नहीं कर रहे हैं. हालांकि उनका प्रदर्शन खत्म नहीं हुआ है. किसान दलित प्रेरणा स्थल के भीतर मौजूद हैं. उन्होंने तय किया है कि वह सड़क खाली कर प्रेरणा स्थल पर ही प्रदर्शन करेंगे.

दलित प्रेरणा स्थल के अंदर बैठकर प्रदर्शन जारी रखेंगे किसान
प्रशासन ने किसानों के साथ वार्ता के लिए मुख्य सचिव से बैठक का प्रस्ताव रखा है, जिस पर किसान विचार कर रहे हैं. फिलहाल धरना जारी है. आंदोलनकारी दलित प्रेरणा स्थल के अंदर धरना देंगे और सड़क खाली करेंगे. यदि मुख्य सचिव के साथ वार्ता विफल रहती है, तो किसान फिर से दिल्ली की ओर मार्च करेंगे. तब तक आंदोलनकारी दलित प्रेरणा स्थल के अंदर बैठकर प्रदर्शन जारी रखेंगे.

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बता दें कि दिल्ली के संसद भवन में शीतकालीन सत्र चल रहा है. ऐसे में पुलिस के सामने प्रदर्शनकारी किसानों को रोकना बड़ी चुनौती है. किसानों के विरोध प्रदर्शन के चलते पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में बैरिकेड लगाने और रूट डायवर्ट करने सहित सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं.

पैदल मार्च कर रहे किसान कुछ देर पहले दलित प्रेरणा स्थल पर रुके थे. हालांकि, थोड़ी देर बाद ही वे आगे बढ़ गए. उनके प्रदर्शन के कारण महामाया ब्रिज पर जाम लग गया है. हजारों किसानों का जत्था दलित प्रेरणा स्थल से आगे बढ़ चुका है.

प्रशासन ने किसानों के साथ वार्ता के लिए मुख्य सचिव से बैठक का प्रस्ताव रखा है, जिस पर किसान विचार कर रहे हैं. फिलहाल धरना जारी है. आंदोलनकारी दलित प्रेरणा स्थल के अंदर धरना देंगे और सड़क खाली करेंगे. यदि मुख्य सचिव के साथ वार्ता विफल रहती है, तो किसान फिर से दिल्ली की ओर मार्च करेंगे. तब तक आंदोलनकारी दलित प्रेरणा स्थल के अंदर बैठकर प्रदर्शन जारी रखेंगे.

> किसानों के हल्लाबोल के देखते हुए दिल्ली बॉर्डर के आस-पास चार हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

> तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

> कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया.

> नोएडा पुलिस ने कहा कि किसी भी कीमत पर किसानों को दिल्ली जाने नहीं दिया जाएगा.

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यह भी पढ़ें: Live: नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर महाजाम, दिल्ली मार्च करने पर अड़े किसान, जानिए क्या हैं उनकी डिमांड्स

किसानों के दिल्ली कूच करने को लेकर भारी पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है. पुलिस ने जगह-जगह पर बैरिकेडिंग की है. पुलिस सहित पीएसी की कई कंपनियों को भी तैनात किया गया है.
 
यमुना प्राधिकरण पर भी भारी पुलिस फोर्स तैनात है और बाकायदा बैरिकेडिंग की गई है. यमुना प्राधिकरण पर किसानों के ट्रैक्टरों का जमावड़ा लगा हुआ है, यहां से किसान अपने ट्रैक्टर पर सवार होकर दिल्ली के लिए कूच करेंगे.

दिल्ली/बॉर्डर एरिया में चेकिंग की जा रही है, जिसमें ट्रैफिक धीमी गति से आगे बढ़ रहा है. मौजूदा वक्त में सभी रेड लाइट को ग्रीन कर दिया गया है. कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस यातायात को सुचारू रूप से संचालित करा रही है.

कालिंदी कुंज के यमुना ब्रिज पर भीषण जाम

ग्रेटर नोएडा के किसानों को पुलिस दिल्ली कूच करने से रोकती हुई, जबकि किसान जाने पर अड़े हैं.

किसान आंदोलन की वजह से रूट डायवर्जन

चिल्ला बॉर्डर से ग्रेटर नोएडा की तरफ जाने वाले लोग सेक्टर 14ए फ्लाईओवर, गोलचक्कर चौक, सेक्टर 15, संदीप पेपर मिल चौक और झुंडपुरा चौक से होकर अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच सकते हैं. डीएनडी बॉर्डर से दिल्ली जाने वाले लोग फिल्म सिटी फ्लाईओवर से सेक्टर 18 होते हुए अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच सकते हैं.

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कालिंदी बॉर्डर दिल्ली से आने वाले लोग महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर 37 होते हुए निकल सकते हैं. ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जाने वाले लोग चरखा गोल चक्कर से कालिंदी कुंज होते हुए निकल सकते हैं.

ग्रेटर नोएडा से दिल्ली की तरफ जाने वाले लोग हाजीपुर अंडरपास से कालिंदी कुंज होते हुए सेक्टर 51 से सेक्टर 60 होते हुए मॉडल टाउन होते हुए निकल सकते हैं.

यमुना एक्सप्रेसवे से होते हुए दिल्ली जाने वाले लोग जेवर टोल से खुर्जा और जहांगीरपुर की ओर अपने गंतव्य तक जा सकेंगे. पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से सिरसा, परी चौक होते हुए दिल्ली जाने वाले लोग दादरा और डासना होते हुए जा सकेंगे. एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी वाहनों को रूट डायवर्जन से छूट दी गई है.

इमरजेंसी वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी और उन्हें डायवर्जन के जरिए निर्देशित किया जाएगा. यातायात संबंधी आपात स्थितियों के लिए हेल्पलाइन 9971009001 पर संपर्क किया जा सकता है. यात्रियों से गुजारिश की गई है कि वे अपनी यात्रा की सावधानीपूर्वक योजना बनाएं और प्रभावित रास्तों से बचें.

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किसानों की डिमांड्स क्या हैं?

किसानों का कहना है कि नए भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार 1 जनवरी 2014 के बाद अधिग्रहित भूमि का 4 गुना मुआवजा दिया जाए. गौतमबुद्ध नगर में 10 साल से सर्किल रेट भी नहीं बढ़ाया गया है. नए भूमि अधिग्रहण कानून के लाभ जिले में लागू किए जाएं. किसान चाहते हैं कि जमीन अधिग्रहण के बदले 10 फीसदी विकसित भूखंड दिया जाए और 64.7 फीसदी की दर से मुआवजा दिया जाए. भूमिधर, भूमिहीन किसानों के बच्चों को रोजगार और पुनर्विकास के लाभ दिए जाएं. हाई पावर कमेटी की सिफारिशें लागू की जाएं. आबादी क्षेत्र का उचित निस्तारण किया जाए. ये सारे निर्णय शासन स्तर पर लिए जाने हैं.

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कब से चल रहा प्रदर्शन?

नोएडा के किसान सोमवार (2 दिसंबर) को दिल्ली की ओर कूच करेंगे. किसानों का कहना है कि आबादी निस्तारण की मांग को लेकर वे तीनों प्राधिकरण (नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी) के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों ने सबसे पहले महापंचायत की थी. उसके बाद 27 नवंबर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर बाहर प्रदर्शन किया. 28 नवंबर से 1 दिसंबर तक यमुना विकास प्राधिकरण के बाहर प्रदर्शन किया. इस दरम्यान अफसरों से बातचीत भी हुई. रविवार को किसानों और अधिकारियों के बीच हाईलेवल बैठक हुई, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बन सकी. आंदोलन के तीसरे और अंतिम चरण 2 दिसंबर को संसद सत्र के दौरान दिल्ली कूच करने का ऐलान किया है.

कौन किसान संगठन निकाल रहे मार्च?

भारतीय किसान परिषद (BKP) ने किसान मजदूर मोर्चा (KMM) और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) जैसे कई अन्य किसान संगठनों के साथ मिलकर घोषणा की है कि वे सोमवार को दिल्ली की ओर मार्च करेंगे. BKP नेता सुखबीर खलीफा के नेतृत्व में पहला समूह 2 दिसंबर को दोपहर 12 बजे नोएडा के महामाया फ्लाईओवर के नीचे से अपना मार्च शुरू करेगा.

क्या है किसानों का प्लान?

प्रदर्शनकारी किसान सबसे पहले महामाया फ्लाईओवर के पास दोपहर 12 बजे से जुटना शुरू होंगे और दिल्ली की ओर ट्रैक्टरों से मार्च करेंगे. गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, आगरा समेत 20 जिलों के किसान दिल्ली मार्च में शामिल हो रहे हैं.

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पंजाब-दिल्ली के किसान कब दिल्ली कूच करेंगे?

पंजाब-हरियाणा के किसान 6 दिसंबर को दिल्ली कूच करेंगे. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने बताया कि पंजाब और हरियाणा के सीमा क्षेत्र पर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता 6 दिसंबर को दिल्ली के लिए मार्च करेंगे. 

पंढेर का कहना था कि केंद्र ने अब तक किसानों से उनके मुद्दों पर बातचीत नहीं की है. एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर कानूनी गारंटी की मांग पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि 6 दिसंबर को शंभू बॉर्डर से दिल्ली की ओर किसानों का पहला जत्था रवाना होगा. इस जत्थे में किसान नेता सतनाम सिंह पन्नू, सुरिंदर सिंह चौटाला, सुरजीत सिंह फूल और बलजिंदर सिंह शामिल होंगे. ये जत्था जरूरी सामान लेकर दिल्ली रवाना होगा और शांतिपूर्ण मार्च करेगा. पहला जत्था अंबाला के जग्गी सिटी सेंटर, मोहरा अनाज मंडी, खानपुर जट्टन और हरियाणा के पिपली में रुकने के बाद दिल्ली की ओर बढ़ेगा. किसान 9 बजे सुबह से शाम 5 बजे तक चलेंगे और रात सड़क पर बिताएंगे.

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