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'जहन्नुम में जाए कश्मीर', वाले बयान के बाद अब फारूक अब्दुल्ला बोले- मुसलमानों के पास पावर है, लेकिन एकता नहीं

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने इजरायल और हमास के बीच जारी जंग को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि मुसलमानों के पास पावर तो है, लेकिन एकता नहीं है. मुसीबत यह है कि हम समझ नहीं रहे कि कौन इसका जिम्मेदार है?

फारूक अब्दुल्ला (फाइल फोटो) फारूक अब्दुल्ला (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • श्रीनगर,
  • 13 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 9:34 AM IST

इजरायल और हमास के बीच जंग शुरू हुए दो महीने से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन यह युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. हमास के हमले के बाद अब इजरायल लगातार गाजा में एयरस्ट्राइक कर रहा है. इस बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने इस जंग को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि मुसलमानों के पास पावर तो है, लेकिन एकता नहीं है. बता दें कि एक दिन पहले आर्टिकल-370 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद फारूक ने जम्मू-कश्मीर को लेकर अजीब बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि जहन्नुम में जाए कश्मीर. 
 
इजरायल-हमास जंग पर बोलते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा,'जमाना बदल रहा है. लेकिन मुसीबत यह है कि हम समझ नहीं रहे कि कौन इसका जिम्मेदार है? इजरायल और फिलिस्तीन के बीच जंग बंद नहीं हो रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन खुद वहां गए, लेकिन इसके बाद युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसे लेकर मुझे अमेरिका पर नहीं, बल्कि मुसलमान मुल्कों पर अफसोस है. क्योंकि मुस्लिम मुल्क एकजुट नहीं हैं.'

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कश्मीर एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र: अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा,'हमारे (मुस्लिम देशों) पास ताकत है, लेकिन एकजुटता नहीं है. अगर हम एकजुट हो जाएं तो सारी समस्याएं ही खत्म हो जाएंगी. हमारे मुल्क को ही देख लीजिए. महात्मा गांधी ने कहा था कि हम पीड़ित पक्ष के साथ खड़े होंगे. लेकिन आज क्या हाल है? क्या सच में हम उनके साथ हैं? मैं कश्मीर से आता हूं, जो कि एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र है.'

फिलिस्तीन के पक्ष में करना चाहते थे प्रदर्शन

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम ने आगे कहा,'हम लोग फिलिस्तीन के पक्ष में प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन इसकी इजाजत नहीं दी गई. हमें बंद कर दिया गया. जब आलोचना हुई तो प्रधानमंत्री मोदी ने एक जहाज में फिलिस्तीन के लिए थोड़ी बहुत मदद भेज दी. जब हमारे अपने घर जल रहे हों तो हम दूसरों को कैसे बचा सकते हैं. जब हमारे अपने भाई-बहनों की हत्या हो रही है तो मैं दूसरों को कैसे बचा सकता हूं. हम देश में बंटते जा रहे हैं. देश की हालत देखकर मुझे रोना आता है.'

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिया था बयान

बता दें कि एक दिन पहले ही फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि जम्मू कश्मीर जहन्नुम में जाए और मैं क्या कह सकता हूं. आप (केंद्र सरकार) राज्य को वहां ले गए हैं. आप लोगों का दिल जीतना चाहते हैं. अगर आप ऐसी चीजें करेंगे, जो लोगों को आगे धकेलेंगीं तो आप दिल कैसे जीतेंगे? अब्दुल्ला की यह टिप्पणी आर्टिकल 370 पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आई थी.

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