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छात्र से 'क्लासरूम में शादी' करने वाली महिला प्रोफेसर ने दिया इस्तीफा, वीडियो वायरल होने के बाद हुआ था विवाद

पश्चिम बंगाल के एक विश्वविद्यालय की वरिष्ठ महिला प्रोफेसर हाल ही में एक वीडियो वायरल होने के बाद विवादों में घिर गई थीं. उन्होंने अब अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है.

यह AI से बनाई गई तस्वीर है. इसका इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है. यह AI से बनाई गई तस्वीर है. इसका इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है.
aajtak.in
  • कोलकाता,
  • 04 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 6:33 PM IST

पश्चिम बंगाल के एक विश्वविद्यालय की वरिष्ठ महिला प्रोफेसर हाल ही में एक वीडियो वायरल होने के बाद विवादों में घिर गई थीं. उन्होंने अब अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है. वायरल वीडियो में वह अपने छात्र से क्लासरूम में 'शादी' करती हुई नजर आ रही थीं. यह घटना राज्य सरकार की ओर से संचालित मौलाना अबुल कलाम आज़ाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (MAKAUT) की है, जहां अप्लाइड साइकोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रोफेसर ने एक प्रथम वर्ष के छात्र के साथ कक्षा के अंदर हिंदू बंगाली विवाह की रस्में निभाईं. यह वीडियो 28 जनवरी को वायरल हुआ, जिससे विवाद खड़ा हो गया.

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प्रोफेसर ने की इस्तीफे की पेशकश
यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार पार्थ प्रतिम लाहिड़ी ने बताया कि प्रोफेसर ने 1 फरवरी को विश्वविद्यालय को ईमेल भेजकर मौजूदा हालात के कारण अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा जताई है. उन्होंने वीडियो वायरल होने के चलते मानसिक रूप से टूटने की बात भी कही.
रजिस्ट्रार ने बताया, 'उन्होंने विश्वविद्यालय में अपने कार्यकाल के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वह अब आगे काम जारी नहीं रख सकतीं.' विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोफेसर को पहले ही 29 जनवरी को छुट्टी पर भेज दिया था.

प्रोफेसर ने किया अपना बचाव
प्रोफेसर ने इस घटना को 'साइको-ड्रामा प्रोजेक्ट' का हिस्सा बताया, जो छात्रों और विश्वविद्यालय की सहमति से किया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि किसी सहयोगी ने जानबूझकर वीडियो का एक हिस्सा लीक किया ताकि उनकी छवि खराब हो और उनका करियर बर्बाद हो सके. उन्होंने कहा कि वह अपनी सामाजिक और शैक्षणिक प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के खिलाफ कानूनी कदम उठाएंगी.

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जांच पैनल ने किया दावा खारिज
विश्वविद्यालय ने इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय महिला फैकल्टी सदस्यों की एक कमेटी बनाई थी. जांच में प्रोफेसर के 'साइको-ड्रामा प्रोजेक्ट' के दावे को खारिज कर दिया गया.

विश्वविद्यालय के कार्यकारी कुलपति तपस चक्रवर्ती ने कहा, 'यह केवल फ्रेशर्स वेलकम प्रोग्राम का एक नाटक था और किसी वरिष्ठ शिक्षक के लिए पूरी तरह अनुचित था.'  फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन प्रोफेसर के इस्तीफे पर विचार कर रहा है और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा.

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