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FICCI के मंच से बोले PM, नीति और नियत से सरकार के किसानों के साथ, कृषि में निजी निवेश जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले की नीतियां जो भी रही हों लेकिन आज की नीतियां, ग्रामीण कृषि आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने के लिए बहुत अनुकूल है. नीति और नीयत से सरकार किसानों का हित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-पीटीआई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-पीटीआई)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 12 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 2:03 PM IST
  • 'नीति और नीयत से सरकार किसानों को भला करने में जुटी है'
  • कृषि क्षेत्र की दीवारों को दूर कर रहे हैं-नरेंद्र मोदी
  • 'रिफॉर्म के बाद कृषि क्षेत्र को नए बाजार और विकल्प मिलेंगे'

देश के उद्योगपतियों की संस्था भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ  (FICCI) के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में चौतरफा रिफॉर्म्स किए जा रहे हैं. कृषि सेक्टर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कृषि से जुड़ी चीजों की सारी दीवारें हटाई जा रही है. पीएम मोदी ने कहा कि कृषि क्षेत्र और इससे जुड़े अन्य सेक्टर के बीच की दीवारों को हटाया जा रहा है. इन रिफॉर्म्स के बाद किसानों को नए बाजार, नए विकल्प मिलेंगे और तकनीक का ज्यादा लाभ मिलेगा. कोल्ड स्टोरेज में निवेश होगा. पीएम ने कहा कि इन सब से कृषि क्षेत्र में ज्यादा निवेश होगा और इसका सबसे ज़्यादा फायदा देश के किसान को होगा. 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले की नीतियां जो भी रही हों लेकिन आज की नीतियां, ग्रामीण कृषि आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने के लिए बहुत अनुकूल है. नीति और नीयत से सरकार किसानों का हित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. प्रधानमंत्री ने कहा कि नए कानूनों के बाद किसानों को मंडियों में और मंडियों से बाहर अपना अनाज बेचने की सुविधा है. 

जनता के भारी समर्थन से बनीं सरकारों का अपना ही कॉन्फिडेंस 

प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता जनार्दन के भारी समर्थन से बनीं सरकारों का अपना ही कॉन्फिडेंस होता है और इन सरकारों का उतना समर्पण होता है. पीएम ने कहा कि आज भारत में मंडियों का आधुनिकीकरण तो हो रहा है किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फसल खरीदने बेचने का विकल्प मिल रहा है. इसका लक्ष्य है कि किसानों की आय बढ़े. अगर किसानों की आय बढ़ेगी तो देश भी समृद्ध होगा. 

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पीएम मोदी ने उदाहरण देकर समझाते हुए कहा कि हमारे देश में पहले इथेनॉल को पहले आयात किया जाता था, जबकि गन्ना किसान अपने उपज को बेचने को लेकर परेशान रहता था, उसे हजारों करोड़ का बकाया नहीं मिलता था. लेकिन हमारी सरकार ने स्थिति को बदला, इथेनॉल के उत्पादन को बढ़ावा दिया. अब पेट्रोल में इथेनॉल की 10 फीसदी तक की मिलावट संभव हो रही है. इससे कितना बड़ा बदलाव आने वाला है. इससे गन्ना किसानों की आमदनी बढ़ी है किसानों की आय भी बढ़ी है. 

कृषि में निजी निवेश की जरूरत 

कृषि में निजी क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि जितना इस क्षेत्र में निजी निवेश किया जाना चाहिए था उतना नहीं हुआ, निजी क्षेत्र ने इस सेक्टर को एक्सप्लोर नहीं किया. हमारे यहां कोल्ड स्टोरेज की समस्या रही. बिना निजी क्षेत्र के दखल के सप्लाई चेन को दुरुस्त नहीं किया जा सकता है. इसी तरह खाद की समस्या है. 

सरकार की नीतियां कृषि आधारित ग्रामीण उद्योग के लिए अनुकूल

पीएम ने देश के निवेशकों से इन क्षेत्रों में निवेश करने की अपील की. पीएम ने कहा कि फसल और फल सब्जियां उगाने वाले किसानों आधुनिक ज्ञान-विज्ञान को जितना ज्यादा अपनाएंगे, उतना ही ज्यादा इनकी बर्बादी कम होगी और उनकी आय बढ़ेगी. 

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पीएम ने कहा कि कृषि को लेकर पहले की नीतियां जो भी हो, लेकिन आज की पॉलिसी कृषि आधारित ग्रामीण उद्योग के लिए बहुत अनुकूल है. उन्होंने कहा कि सरकार नीति और नियत से किसानों का हित करने के लिए जुटी हुई है. 

 

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