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ओमप्रकाश चौटाला का अंतिम संस्कार आज, हरियाणा में तीन दिन का राजकीय शोक

चौटाला अपने राजनीतिक कौशल जाने जाते थे. जेल में रहते हुए उन्होंने 82 वर्ष की आयु में 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की थी. उनकी इस उपलब्धि पर बॉलीवुड फिल्म "दसवीं" भी बनाई गई. उनके राजनीतिक जीवन में कई विवाद भी जुड़े.

ओमप्रकाश चौटाला ओमप्रकाश चौटाला
कमलजीत संधू
  • नई दिल्ली,
  • 20 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 12:39 AM IST

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला का शुक्रवार को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उनके निधन पर हरियाणा सरकार ने 20 से 22 दिसंबर तक तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है. इसके अलावा, 21 दिसंबर को प्रदेश में एक दिन का सार्वजनिक अवकाश रहेगा. ओमप्रकाश चौटाला का अंतिम संस्कार 21 दिसंबर को उनके गांव तेजा खेड़ा फार्म पर राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. प्रदेश में तीन दिनों तक राजकीय शोक की घोषणा की गई है. 

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ओमप्रकाश चौटाला का जन्म 1 जनवरी 1935 को हरियाणा के चौटाला गांव में हुआ था. वह हरियाणा के पांच बार मुख्यमंत्री रहे और उनके राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए. वह पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के सबसे बड़े बेटे थे. INLD प्रवक्ता के अनुसार, शुक्रवार सुबह उन्हें अचानक हिचकियां आने लगीं और घर में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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सियासी जगत में शोक की लहर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समेत कई दिग्गज नेताओं ने ओमप्रकाश चौटाला के निधन पर शोक व्यक्त किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह लंबे समय तक हरियाणा की राजनीति में सक्रिय रहे और अपने पिता देवीलाल के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा प्रयासरत रहे. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे राजनीति और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया. कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चौटाला को अपना बड़ा भाई बताते हुए कहा कि उनके साथ कई यादें जुड़ी हैं.

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विवादों से भी रहा नाता
चौटाला अपने राजनीतिक कौशल जाने जाते थे. जेल में रहते हुए उन्होंने 82 वर्ष की आयु में 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की थी. उनकी इस उपलब्धि पर बॉलीवुड फिल्म "दसवीं" भी बनाई गई. उनके राजनीतिक जीवन में कई विवाद भी जुड़े. 1990 के infamous "मेहम कांड" और 2000 में शिक्षक भर्ती घोटाले में उनका नाम आया. 2013 में उन्हें शिक्षक भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा हुई. disproportionate assets के एक मामले में 2022 में उन्हें फिर से सजा सुनाई गई.

अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान चौटाला ने गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को समझा और तत्काल निर्णय लिए. उनके नेतृत्व में हरियाणा के ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में कई बड़े कदम उठाए गए. ओमप्रकाश चौटाला के बड़े बेटे अजय सिंह चौटाला ने 2018 में जननायक जनता पार्टी (JJP) बनाई, जबकि छोटे बेटे अभय चौटाला INLD के वरिष्ठ नेता हैं. उनके पोते दुष्यंत चौटाला हरियाणा के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं.

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जम्मू-कश्मीर के नेता फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने भी चौटाला के निधन पर शोक जताया. शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इसे किसानों और वंचित वर्गों के लिए बड़ी क्षति बताया.

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