
बदायूं से पूर्व सांसद व भाजपा नेता संघमित्रा मौर्य ने लखनऊ में acjm 3 की कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. लखनऊ के दीपक कुमार स्वर्णकार ने PGI थाने में संघमित्रा मौर्य और स्वामी प्रसाद मौर्य पर धोखाधड़ी और शादी नकारने का केस दर्ज कराया था. कोर्ट में सुनवाई के दौरान संघमित्रा मौर्य पेश नहीं हो रही थीं. कोर्ट ने संघमित्रा मौर्य को फरार घोषित किया था. मंगलवार को संघमित्रा मौर्य ने सरेंडर किया तो करीब 5 घंटे संघमित्रा मौर्य को न्यायिक हिरासत में रखा गया. कोर्ट ने जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए संघमित्रा मौर्य को 12 अगस्त तक जमानत पर रिहा किया है.
बता दें कि, उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य को 'फरार' घोषित कर दिया गया था. एमपी-एमलए कोर्ट ने पिता-बेटी को फरार घोषित किया था. एक आपराधिक मामले में दोनों को कई बार समन जारी किया गया था, बावजूद कोर्ट में पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ ये कार्रवाई की गई थी. ये पूरा मामला संघमित्रा मौर्य से जुड़ा था.
आरोप है कि संघमित्रा ने बिना तलाक लिए धोखाधड़ी कर दूसरी शादी कर ली थी. दीपक स्वर्णकार नाम के शख्स का दावा है कि संघमित्रा से उनकी शादी हो चुकी है, लेकिन वो इसे नकार रही हैं. दीपक ने स्वामी प्रसाद मौर्य, उनकी बेटी संघमित्रा समेत पांच लोगों पर मारपीट, गाली-गलौच, जान से मारने की धमकी और साजिश रचने का केस दर्ज कराया था.
मामला लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में दायर हुआ था. बताया जा रहा है कि कोर्ट ने तीन बार समन, दो बार जमानती वारंट और एक बार गैर-जमानती वारंट जारी किया था, इसके बावजूद स्वामी प्रसाद मौर्य और संघमित्रा कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे. इसलिए कोर्ट ने उन्हें फरार घोषित कर दिया था.