
गुजरात सरकार ने पिछले हफ्ते शहर के एक गेमिंग जोन में लगी घातक आग के सिलसिले में राजकोट पुलिस कमिश्नर सहित छह आईपीएस अधिकारियों का सोमवार को ट्रांसफर कर दिया है. राजकोट के कमिश्नर के तौर पर राजू भार्गव की जगह आईपीएस अधिकारी ब्रिजेश कुमार झा को नियुक्त किया गया है.
एक आदेश में कहा गया है कि राजकोट शहर की एडिशनल पुलिस कमिश्नर विधि चौधरी और राजकोट के डीसीपी-जोन-2, सुधीरकुमार जे देसाई का भी तबादला किया गया है. इनके अलावा गुजरात सरकार ने राजकोट म्यूनिसिपल कमिश्नर आनंद पटेल का भी तबादला कर दिया है और उनकी जगह डीपी देसाई को नियुक्त किया गया है. डीपी देसाई फिलहाल अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण (AUDA) के सीईओ हैं.
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हाई कोर्ट ने लगाई थी फटकार
हाई-प्रोफाइल ट्रांसफर का ऐलान तब किया गया है जब गुजरात हाई कोर्ट ने राजकोट नगर निगम और राज्य सरकार को फटकार लगाई. कोर्ट ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने इसके आसपास बनने वाली इतनी बड़ी संरचना (गेमिंग जोन) के प्रति आंखें मूंद ली हैं.
कोर्ट ने यह भी कहा कि 2021 में टीआरपी गेम जोन की स्थापना से लेकर 25 मई की घटना तक राजकोट के सभी नगर निगम कमिश्नर को इस आग की घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि उसे राज्य मशीनरी पर भरोसा नहीं है "जो निर्दोष लोगों की जान जाने के बाद ही कार्रवाई के मोड में आती है."
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'वे चाहते हैं कि लोग मरते रहें'
हाई कोर्ट ने कहा, "इतने कठोर कदम कौन उठाएगा? ईमानदारी से कहूं तो अब हमें राज्य मशीनरी पर भरोसा नहीं है. इस अदालत के आदेशों के चार साल बाद, उन्हें निर्देश देने के बाद, उनके आश्वासन के बाद, यह छठी घटना हुई है. वे सिर्फ चाहते हैं कि लोगों की जान जाए जो मशीनरी को ट्रिगर करे."
इससे पहले गुजरात सरकार ने अग्निकांड के सिलसिले में छह अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया था. गौरतलब है कि, शनिवार शाम राजकोट के नाना-मावा इलाके में टीआरपी गेम जोन में आग लगने से बच्चों समेत 27 लोगों की मौत हो गई थी.