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पंजाब में गैंगस्टर जरनैल सिंह की हत्या, मारी गईं 20 से 25 गोलियां, देखें VIDEO

यह घटना अमृतसर के सठियाला गांव में हुई, जहां कुछ लोगो ने गैंगस्टर जरनैल सिंह की गोलियां मारकर हत्या कर दी. जरनैल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृतक घोषित कर दिया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

जरनैल सिंह को गोलियां मारते नकाबपोश सीसीटीवी में कैद जरनैल सिंह को गोलियां मारते नकाबपोश सीसीटीवी में कैद
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 24 मई 2023,
  • अपडेटेड 4:12 PM IST

पंजाब में गैंगस्टर जरनैल सिंह की हत्या कर दी गई है. उसे 20 से 25 गोलियां मारी गईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. 

यह घटना अमृतसर के सठियाला गांव में हुई, जहां कुछ लोगो ने गैंगस्टर जरनैल सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. जरनैल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृतक घोषित कर दिया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

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इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कुछ नकाबपोश उन्हें सरेआम गोलियां मार रहे हैं. जरनैल सिंह एक नामी गैंगस्टर था जिसके खिलाफ चार मामले दर्ज थे. वह फिरौती, आर्म्स एक्ट और गोलीबारी जैसे मामलों में नामजद था.

गोपी घनश्यामपुरिया गैंग पर आरोप

जरनैल सिंह की हत्या का आरोप गैंगस्टर गोपी घनश्यामपुरिया गैंग पर लग रहा है. कहा जा रहा है कि इसी गैंग के लोगों ने जरनैल सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर उसकी हत्या कर दी.

पिछले साल हुई थी सिद्धू मूसेवाला की हत्या

पिछले साल 29 मई को सिद्धू मूसेवाला की हत्या कर दी गई थी. उन्हें सरेआम गोलियों से भून दिया गया था, जिस वजह से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया था. उनकी हत्या का मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ को बताया गया, उसी ने लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलकर मूसेवाला की हत्या की पूरी प्लानिंग की थी और फिर अपने शूटरों के जरिए हत्या को अंजाम दिया था.

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कैसे बने पंजाब में बड़े गैंग्स?

अब सवाल ये है कि पंजाब में इतने सारे गैंग्स और उस गैंग के मेंबर आते कहां से हैं? तो हाल के सालों पर नज़र दौड़ाएं और पंजाब में एक्टिव हर गैंग और उसके मेंबर को टटोलें, तो एक बात साफ़ हो जाती है. हर गैंग या तो पंजाब के अलग-अलग यूनिवर्सिटी और कॉलेज में पढ़ रहे छात्रों को अपने साथ मिलाने की कोशिश करता है या फिर बेरोज़गार नौजवानों की तरफ़ झूठे सपनों का चारा फेंकता है. पंजाब में शायद ही ऐसी कोई यूनिवर्सिटी या कॉलेज हो, जो किसी ना किसी गैंग के असर से अछूता हो. यहां तक कि छात्र चुनाव में भी अलग-अलग गैंग्स की भागीदारी होती है.

अब सबसे बड़ा सवाल पंजाब के गैंग्स के बारे में. आख़िर पंजाब में गैंग्स कल्चर कैसे शुरू हुआ? वो कौन-कौन से गैंग हैं, जो इस वक़्त पंजाब में एक्टिव हैं? और पंजाब पुलिस क्यों इन गैंग्स पर नकेल नहीं कस पाती है? तो चलिए सिलसिलेवार इन सवालों के जवाब जानते हैं.

यूं तो देश का शायद ही कोई ऐसा राज्य हो, जहां गैंग या गैंगस्टर ना हो. लेकिन पंजाब की कहानी सबसे जुदा है. यहां हर गैंग की कहानी या हर गैंग का जन्म किसी एक क़त्ल से होता है. लेकिन ख़त्म अगले क़त्ल से नहीं होता. बल्कि क़त्ल का सिलसिला बढ़ता ही रहता है. पंजाब इस देश का शायद इकलौता ऐसा राज्य है, जहां एक्टिव ज़्यादातर गैंग के ज़्यादातर मेंबर जेल में हैं. लेकिन फिर भी उनका गैंग ख़त्म या बंद नहीं होता. बल्कि जेल से ही चालू रहता है. यूं तो पूरे पंजाब में इस वक़्त छोटे-बड़े कुल मिलाकर क़रीब 70 गैंग एक्टिव हैं. इन 70 गैंग्स में क़रीब 500 मेंबर हैं. इनमें से लगभग 300 जेल में हैं. पर इन 70 गैंग्स में से जो सबसे ज़्यादा कुख्यात, ख़ौफ़नाक और ख़तरनाक हैं, वो ये आठ गैंग हैं.

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- लॉरेंस विश्नोई गैंग

-जग्गू भगवानपुरिया गैंग

-गोंडर एंड ब्रदर गैंग

-देवेंदर बंबीहा गैंग

-सुक्खा काहलों गैंग

-गुरबख़्श सेवेवाला गैंग

-शेरा ख़ुब्बन गैंग

-सुप्रीत सिंह हैरी छट्टा गैंग

पंजाब में हाल के सालों में जितने भी गैंगवार हुए या जितने भी जुर्म हुए उनमें सबसे ज़्यादा हाथ इन्हीं आठ गैंग का रहा. कमाल ये है कि इनमें से ज़्यादातर गैंग के सरगना या तो मारे गए या पकड़े गए और फिलहाल जेल में हैं. मगर जेल के अंदर से ही इनका गैंग वैसे ही काम कर रहा है, जैसे बाहर रह कर करता था. बल्कि यूं कहा जाए कि कई गैंग के सरगना के जेल जाने के बाद ज़्यादा ताक़तवर हुआ तो ग़लत नहीं होगा. तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई इसकी मिसाल है. लॉरेंस बिश्नोई ही वो गैंगस्टर है, जिस पर इस वक़्त सिद्धू मूसेवाला के क़त्ल के इल्ज़ाम लग रहे हैं.

लॉरेंस विश्नोई को जुर्म की दुनिया में आए कई साल हो गए हैं. बड़ा बनने का शौक तो उसे छोटे से ही था. पंजाब के अबोहर में पैदा हुआ लॉरेंस एक पूर्व पुलिस कांस्टेबल का बेटा है. उसने चंडीगढ़ में डीएवी कॉलेज से पढ़ाई की. हालांकि बीए फ़र्स्ट ईयर का इम्तेहान तीन कोशिशों के बावजूद पास नहीं कर पाया. लॉरेंस स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी यानी सोपू का चुनाव भी लड़ा. मगर हार गया. और इसी हार के साथ पहले विजयी छात्र गुट के साथ झगड़ा और फिर जुर्म की दुनिया में क़दम रखना शुरू किया. देखते ही देखते रंगदारी, वसूली, क़त्ल, हाई-वे रॉबरी, किडनैपिंग के मुक़दमे उसके सर चढ़ते गए और हर मुक़दमे के साथ वो बड़ा बनता गया. लॉरेंस पर इस वक़्त तीस से ज़्यादा मुक़दमे हैं. लॉरेंस कई बार पुलिस हिरासत से भाग चुका है. पहले वो जोधपुर जेल में बंद था. लेकिन अब दिल्ली की तिहाड़ जेल में. पिछले सात सालों से लॉरेंस जेल में है. मगर कहते हैं जब से वो जेल में बंद है, तब से वो और ज़्यादा ताक़तवर हो गया है. कहते हैं लॉरेंस विश्नोई के गैंग में 400 से ज़्यादा लोग हैं.

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