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इस समय दिल्ली समेत उत्तर भारत प्रदूषण के कहर से जूझ रहा है. दिल्ली-एनसीआर में हालात बेहद गंभीर हैं. ऐसे में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कृत्रिम बारिश (Artificial Rain) के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी है.
गोपाल राय ने कृत्रिम बारिश के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को चिट्ठी लिखी है. राय ने चिट्ठी में कहा है कि दिल्ली में प्रदूषण बेहद गंभीर श्रेणी में है और इससे निपटने के लिए कृत्रिम बारिश कराने की जरूरत है.
दिल्ली के प्रदूषण पर गोपाल राय ने कहा कि उत्तर भारत इस समय स्मॉग की परतों में लिपटा हुआ है. आर्टिफिशियल रेन ही इस स्मॉग से पीछा छुड़ाने का एकमात्र समाधान है. यह मेडिकल इमरजेंसी है. इस स्मॉग से पूरा उत्तर भारत का दम घुट रहा है.
PM मोदी से की हस्तक्षेप की मांग
उन्होंने कृत्रिम बारिश कराने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग की है. साथ ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्री पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि दिल्ली में प्रदूषण को लेकर राजनीति की जा रही है. केंद्र सरकार क्लाउड सीडिंग पर बैठक नहीं कर रही है. ऑड ईवन पर चर्चा जारी है. केंद्र जल्दी इस पर बैठक करे. दिल्ली सरकार की अपील पर ध्यान नहीं दिया गया.
गोपाल राय ने कहा कि मैंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को चार पत्र लिखे थे. अगस्त, सितंबर, अक्टूबर और 19 नवंबर को चार पत्र लिखे गए थे लेकिन इसके बावजूद केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने आर्टिफिशियल रेन पर एक भी बैठक नहीं बुलाई. हमें दिल्ली में धुंध की चादर को हटाना होगा.
क्या है GRAP?
GRAP-1: खराब (AQI 201-300)
GRAP-2: बहुत खराब (AQI 301-400)
GRAP-3: गंभीर ( AQI 401 से 450)
GRAP-4: बहुत गंभीर ( AQI 450 से ज्यादा)
ग्रैप 4 कितना कारगर?
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता संकट हर साल गंभीर रूप लेता है. वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर प्लस श्रेणी में होने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. सरकार ने आज से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के चौथे चरण को लागू कर दिया है, जो वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सबसे कठोर उपाय के तौर पर माना जाता है.
पिछले साल दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप के पहले चरण को 6 अक्टूबर, दूसरे चरण को 21 अक्टूबर, तीसरे चरण को 2 नवंबर और चौथे चरण को 5 नवंबर को लागू किया गया था. 2023 में ग्रैप 4 कुल 14 दिन लागू रहा था. 19 नवंबर को जब AQI लेवल 319 पर आ गया था, तब ग्रैप 4 की पाबंदिया हटा दी गई थीं और हवा साफ रहने तक ग्रैप 3 लागू रहने के निर्देश दिए गए थे. इसी तरह साल 2022-23 की सर्दियों में भी ग्रैप 4 को सिर्फ 3 दिन लागू रखना पड़ा था.