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गौरी लंकेश हत्याकांड: आरोपी की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को भेजा नोटिस

पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड के एक आरोपी की जमानत के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को नोटिस जारी किया है. कर्नाटक हाई कोर्ट ने आरोपी मोहन नायक को पिछले साल रिहा कर दिया था. कोर्ट में गौरी लंकेश की बहन ने अपील दायर की थी.

गौरी लंकेश गौरी लंकेश
aajtak.in
  • बेंगलुरू,
  • 16 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 7:09 PM IST

पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड के आरोपी को रिहाई देने के कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. हाई कोर्ट के एक आदेश पर बीते साल दिसंबर में लंकेश हत्याकांड के एक आरोपी को रिहा कर दिया गया था. आरोपी ने ही पत्रकार की हत्या की साजिश रची थी और हत्यारों की हाइरिंग की थी. हत्यारे की रिहाई के खिलाफ पत्रकार की बहन कविता लंकेश ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी.

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गौरी लंकेश कर्नाटक के बेंगलुरू में थीं, जब 2017 में उनके घर के बाहर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई. इंडिया टुडे ने एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में बताया था कि गौरी लंकेश हत्याकांड में राम सेना का हाथ था. मसलन, लंकेश हत्याकांड का मास्टरमाइंड अमोल काले हिंदू जनजागृति समित का संयोजक था और अन्य आरोपी अमित देगवेकर किसी सनातन संस्था में साधक था. हत्या की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी ने पाया था कि गौरी लंकेश की हत्या की प्लानिंग हत्या के एक साल पहले की गई थी.

पांच साल जेल में रहा आरोपी

कर्नाटक हाई कोर्ट ने लंकेश हत्याकांड में एक आरोपी मोहन नायक को यह कहते हुए रिहा कर दिया था कि उसने पांच साल की सजा काट ली है. अदालत ने कहा था कि आरोपी के ट्रायल में अनुचित देरी हो रही है जो कभी पूरा नहीं हो सकता तो याचिकाकर्ता को जमानत दिया जा सकता है. हाई कोर्ट ने कहा था कि भले ही नायक के खिलाफ आरोप साबित हो जाएं, लेकिन अपराध विशेष रूप से मौत या आजीवन कारावास से दंडनीय नहीं है. न्यूनतम सजा के लिए पांच साल का प्रावधान था और आरोपी ने यह पूरा कर लिया है.

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5 सितंबर को गौरी लंकेश को मारी गई थी गोली

कर्नाटक पुलिस के मुताबिक, गौरी लंकेश को श्री राम सेना का एक सदस्य परशूराम वाघमेर ने गोली मारी थी. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, वाघमेर को हत्याकांड के मास्टरमाइंड ने यह कहकर हत्या करने भेजा था कि इससे हिंदू धर्म की रक्षा होगी. इसके लिए उसे गोली चलाने की ट्रेनिंग भी दी गई थी. जुलाई 2017 में वह बेंगलुरु पहुंचा था और 5 सितंबर को हत्या को अंजाम दिया था.

गौरी लंकेश पर घर के बाहर चली थी गोली

बताया जाता है कि वह एक अन्य आरोपी के साथ बाइक पर सवार होकर गौरी लंकेश के घर के बाहर पहुंचा था. वह रात 8 बजे काली रंग की बाइक से आया था और लंकेश की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी थी. उसके साथ एक अन्य आरोपी गणेश मिस्किन भी था जिसने अपने हाथ में बंदूक लिया हुआ था. इस हत्याकांड के आरोपी अभी जेल में हैं. गौरी लंकेश की बहन की याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट ने अन्य आरोपी की जमानत के खिलाफ नोटिस जारी किया है. 

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