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Delhi Fire News: धधकते 'कूड़े के पहाड़', घुटती सांसें... दिल्ली की तीनों लैंडफिल साइट कैसे आसपास के इलाकों के लिए बनी मुसीबत?

गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग लगने की इस तरह की घटनाएं आम हैं. 2019 में कूड़े के इन पहाड़ पर आग लगने की छह घटनाओं की सूचना दी गई थी. 2020 में ये बढ़कर आठ हो गई. 2021 में चार और 2022 में गाजीपुर के कूड़े के पहाड़ में आग लगने की पांच घटनाएं सामने आई थीं.

गाजीपुर में कूड़े के पहाड़ में लगी भीषण आग- फोटो PTI गाजीपुर में कूड़े के पहाड़ में लगी भीषण आग- फोटो PTI
राम किंकर सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 10:47 AM IST

दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल साइट पर रविवार शाम से लगी आग अभी तक बुझी नहीं है. काफी जद्दोजहद के बाद भी कूड़े के इस पहाड़ पर आग धधक रही है. इससे पूरा इलाका जहरीली गैस और धुएं से भर गया है. ये आग आसपास के इलाकों में लोगों के लिए मुसीबत बन गई है. पूरा क्षेत्र धुएं और बदबू से भर गया है. लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है. ठीक इसी तरह से दिल्ली के दो अन्य लैंडफिल साइट भलस्वा और ओखला भी स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं.

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लेकिन गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग लगने की इस तरह की घटनाएं आम हैं. 2019 में कूड़े के इन पहाड़ पर आग लगने की छह घटनाएं सामने आई थीं. 2020 में ये बढ़कर आठ हो गईं. 2021 में चार और 2022 में गाजीपुर के कूड़े के पहाड़ में आग लगने की पांच घटनाएं सामने आई थीं.

ओखला लैंडफिल साइट पर 2019 में आग लगने की 25 घटनाएं सामने आई थीं. 2020 में छह और 2022 में दो घटनाएं सामने आई थीं. वहीं, भलस्वा लैंडफिल साइट की बात करें तो 2019 में यहां कूड़े के पहाड़ पर आग लगने की छह घटनाएं सामने आई हैं. 2020 में एक घटना सामने आई थी. 2021 में ये बढ़कर 21 हो गई जबकि 2022 में इस तरह आग लगने की 14 घटनाएं सामने आई थीं.

भाजपा आज पहुंचेगी लैंडफिल साइट

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दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि यह शर्मनाक है कि अरविंद केजरीवाल शासित भ्रष्ट दिल्ली नगर निगम की अपराधिक लापरवाही के चलते गाजीपुर लैंडफिल साइट में आग लग गई और भारी धुंआ उठ रहा है. वहीं भाजपा ने ऐलान कर दिया है कि सोमवार सुबह 9:30 बजे दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा नगर निगम में नेता विपक्ष राजा इकबाल सिंह और दूसरे भाजपा नेता लैंडफिल साइट पर पहुंच रहे हैं.

जयंत चौधरी ने कसा तंज

आरएलडी के जयंत चौधरी ने आग की वीडियो को X पर शेयर करके खराब वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर तंज कसा. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि,  

"अभी-अभी गाजीपुर लैंडफिल में लगी भयानक आग से गुज़रा! इस तरह की आग के प्रकोप को रोकना कठिन है और यह हमारी अपशिष्ट प्रबंधन नीतियों और प्रथाओं की प्रणालीगत विफलता को ध्यान में लाता है." 

बीजेपी ने एमसीडी पर साधा निशाना

वहीं, आम आदमी पार्टी शासित एमसीडी को भाजपा ने आड़े हाथों लिया है. प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली नगर निगम के 2022 के चुनाव से पहले 31 दिसम्बर 2023 तक यह लैंडफिल साइट साफ करने का वादा किया था, पर आज लैंडफिल साइट पर पुराने पहाड़ तो क्या हटे, आज वहां एक नया पहाड़ खड़ा हो गया है. खेद का विषय है आज अरविंद केजरीवाल तो जेल में हैं पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय एवं महापौर डा. शैली ओबेरॉय ने मौके पर जाना भी जरूरी नहीं समझा.

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AAP डिप्टी मेयर ने कही ये बात

वहीं आप के डिप्टी मेयर अली मोहम्मद इकबाल ने X पर लिखा कि, 'गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आगजनी का मामला सामने आने के बाद घटना स्थल का निरीक्षण किया. अधिकारियों को आग पर जल्द काबू पाने के निर्देश दिए. गर्मी और मौसम में ड्राइनेस की वजह से आग लगी है. आग पर काबू पाने के लिए 5 एक्स्कवेटर और अधिक दमकल की गाड़ियां मौजूद हैं, दरअसल राजधानी दिल्ली में 26 अप्रैल को दिल्ली नगर निगम के मेयर का चुनाव होना है.

आम आदमी पार्टी ने दी थी लैंडफिल साइट खत्म करने की गारंटी

साल 2022 के एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी ने तीनों लैंडफिल साइट को दिल्ली से खत्म करने की गारंटी दी थी. चुनाव जीतते ही अरविंद केजरीवाल दलबल के साथ गाजीपुर लैंडफिल साइट का दौरा करने पहुंचे थे. आज दिल्ली के मुख्यमंत्री तिहाड़ जेल में है और बीजेपी के पास मौका है आम आदमी पार्टी पर सियासी दबाव बनाने का, साथ ही दिल्ली मेयर चुनाव में इसका सियासी फायदा भी लेने का. आम चुनाव के करीब 6 महीने बाद राजधानी दिल्ली में दिल्ली विधानसभा के चुनाव होने हैं. लिहाजा आग लगने की घटना से सियासी तापमान का बढ़ना तय है, वह भी तब जब आम चुनाव हो रहे हैं. एमसीडी ने में 2024 तक दिल्ली की तीनों लैंडफिल साइट पर मौजूद सभी कूड़े के निष्पादन का लक्ष्य रखा लेकिन नतीजा से फिर रहा

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तीनों लैंडफिल साइट पर किस साल कितने आगे की कॉल मिली 

गाजीपुर लैंडफिल साइट

वर्ष  आग की घटनाओं की कॉल
2019 6 कॉल
2020 8 कॉल
2021 4 कॉल
2022 5 कॉल
2023 में 12 अगस्त तक 1 कॉल
   

 

ओखला लैंडफिल साइट

वर्ष आग की घटनाओं की कॉल
2019 25 कॉल
2020 6 कॉल
2021 एक भी कॉल नहीं मिली
2022 2 कॉल
2023 में 12 अगस्त तक एक भी कॉल नहीं मिली

 

भलस्वा लैंडफिल साइट

वर्ष आग की घटनाओं की कॉल
2019 6 कॉल
2020 1 कॉल
2021 12 कॉल
2022 14 कॉल
2023 में 12 अगस्त तक 1 कॉल मिली

 

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