
केंद्र सरकार ने G20 मीट के लिए भारत आ रहे विदेशी प्रतिनिधियों को ध्यान में रखते हुए 300 टैक्सी, कैब और कोच ड्राइवरों को विदेशी भाषा के साथ अच्छे व्यवहार और सॉफ्ट स्किल की ट्रेनिंग दी है. भारत ने गुरुवार से जी 20 में अपनी अध्यक्षता की शुरुआत की है. इस बैठक में आर्थिक मंदी और जलवायु संकट जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और एकता पर फोकस रहेगा.
भारत अगले एक वर्ष में देश भर में 56 से अधिक जगहों पर 200 से अधिक बैठकों की मेजबानी करेगा, जिसमें से पहली बैठक इस सप्ताह के अंत में उदयपुर में आयोजित होगी. पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि सितंबर 2023 में नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. रेड्डी ने आगे कहा कि ये हमारी जिम्मेदारी है के मेहमानों को ध्यान में रखते हुए फ्रंटलाइन सर्विस प्रोवाइडर्स को इस तरह तैयार करें कि उनके व्यवहार में भारतीय संस्कृति दिखे. ये ट्रेनिंग पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू इससे जुड़ी कई पहलों में से एक है. इसके तहत टूरिज्म सेक्टर को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.
उन्होंने ड्राइवरों से आग्रह किया कि वे विदेशियों के साथ बातचीत में विदेशी भाषाओं का अभ्यास करके इस ट्रेनिंग को आगे बढ़ाएं और उनके सामने उच्चतम स्तर का शिष्टाचार पेश करें. उन्होंने बताया कि भारत पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) ने जून में टैक्सी, कैब और कोच चालकों के लिए पर्यटन जागरूकता कार्यक्रम शुरू करने के लिए मंत्रालय के साथ सहयोग किया, जिसमें उन्हें विदेशी भाषा के साथ व्यवहार और सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण दिया गया.
ITDC के अशोक इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म मैनेजमेंट द्वारा 30 नवंबर तक कुल लगभग 300 ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया गया है. इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों के व्यक्तिगत और व्यावसायिक कौशल को सुधारना है ताकि वे संवाद करने में सक्षम हो सकें. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के साथ बिना किसी परेशानी के और सम्मानजनक तरीके से वे बातचीत कर सकें. ये ट्रेनिंग कुल 16 घंटों की है. जो भी कैंडिडेट इसे पूरा करते जाएंगे उन्हों आईटीडीसी का प्रमाणपत्र और बैज दिया जाएगा.