
देश में उत्तराखंड के चारधामों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए अच्छी खबर है. एक तरफ सरकार इन क्षेत्रों में यात्रा सुगम बनाने के लिए चारधाम हाइवे प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. वहीं दूसरी तरफ सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने आश्वासन दिया है कि यात्रा के मार्ग पर पैदल यात्रियों का भी ख्याल रखा जाएगा. जानें और क्या कहा गडकरी ने...
प्रवेश वर्मा ने लोकसभा में उठाया सवाल
भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने लोकसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान चारधाम परियोजना से जुड़ा प्रश्न उठाया. उन्होंने कहा कि देश में कई तीर्थयात्री चारधाम की पैदल या दंडवत (लेटकर) यात्रा करते हैं. ऐसे में सरकार ने चारधाम हाइवे प्रोजेक्ट पर इन यात्रियों के लिए क्या प्रबंध किए हैं. ताकि उनकी सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
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गडकरी ने दी प्रोजेक्ट की जानकारी
इसके जवाब में सदन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि चारधाम परियोजना ऋषिकेश-यमुनोत्री-गंगोत्री-बद्रीनाथ को जोड़ने वाली है. इस परियोजना के तहत कुल 53 परियोजनाओं पर काम होना है. इसमें से 40 परियोजनाएं आवंटित हो चुकी हैं जबकि 38 परियोजनाओं के लिए ठेका दिया जा चुका है. बची हुई 13 परियोजनाओं को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है. यह मामला सड़क की चौड़ाई और पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं पर लंबित है. इस बारे में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद निर्णय किया जाएगा.
पैदल यात्रियों का ख्याल
गडकरी ने कहा कि सहयोगी सदस्य प्रवेश वर्मा ने अच्छा सुझाव दिया है. वह सदन को आश्वस्त करना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद परियोजना में पैदल यात्रियों के चलने की व्यवस्था का सरकार ध्यान रखेगी.
दिव्यांगों को टोल टैक्स से छूट
सदन में भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने दिव्यांगों को टोल टैक्स और रोड टैक्स पर छूट को लेकर प्रश्न किया. इस पर नितिन गडकरी ने कहा कि टोल और रोड टैक्स पर छूट का विषय राज्यों के अधिकार क्षेत्र में है. दिव्यांगों को अब तक 11 राज्यों ने ऐसी छूट दी है. दिल्ली सरकार ने अब तक ऐसी छूट नहीं दी है. इसके लिए वह दिल्ली सरकार से अनुरोध करेंगे.
क्या है चारधाम परियोजना
चारधाम परियोजना उत्तराखंड के चार प्रमुख हिंदू तीर्थ यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए विकसित की जा रही है. लगभग 900 किलोमीटर के इस हाइवे प्रोजेक्ट से पूरे उत्तराखंड में सड़कों का जाल विकसित होगा. वहीं चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच यह सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण परियोजना है.
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