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गुजरात में BJP पर लगे AAP कैंडिडेट की किडनैपिंग के आरोप में नया ट्विस्ट!: दिन भर, 16 नवंबर

भारत के लिए G20 समिट के हासिल क्या रहे? कल देर रात पोलैंड में हुए रॉकेट हमले से जुड़े किन सवालों के जवाब मिलने बाक़ी हैं, गुजरात में आम आदमी पार्टी कैंडिडेट की 'किडनैपिंग' के दावे में क्या नया मोड़ आया है, भारतीय ट्राइबल पार्टी में फूट से चुनाव में किसका फ़ायदा होगा और नासा का मून मिशन 'आर्टेमिस-1' क्या है, सुनिए आज के 'दिन भर' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.

Kanchan jariwala missing AAP candidate Gujarat BJP Kanchan jariwala missing AAP candidate Gujarat BJP
जमशेद क़मर सिद्दीक़ी
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  • 16 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 10:43 PM IST

AAP कैंडिडेट की 'किडनैपिंग' का सच

गुजरात चुनाव की गहमागहमी आज दिल्ली में इलेक्शन कमीशन की देहरी तक पहुंच गई. कंचन जरीवाला नामक शख़्स को AAP ने सूरत ईस्ट असेंबली सीट से कैंडिडेट बनाया था. लेकिन पार्टी ने आज दावा किया कि कल से ही उनका कंचन से संपर्क नहीं हो पाया है और बीजेपी के गुंडे उन्हें अगवा कर ले गए हैं. पार्टी ने सबूत के तौर पर अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो भी पोस्ट किया है. इस बीच कंचन जरीवाला ने रिटर्निंग अफसर के दफ्तर पहुंचकर अपना नॉमिनेशन वापस ले लिया. आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से लिखित शिकायत कर उनका नामांकन वापस नहीं लेने की अपील की है. तो इस मामले में लेटेस्ट अपडेट क्या है, नॉमिनेशन वापस लेने के पीछे कंचन ज़रीवाला ने क्या वजह बताई है और उनकी उम्मीदवारी कैंसिल होने की स्थिति में आप के पास क्या ऑप्शन है?

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इसके अलावा गुजरात की लोकल पार्टी बीटीपी (भारत ट्राइबल पार्टी) में टिकट बंटवारे के बाद टॉप के 2 लीडर्स आपस में भिड़ गए हैं. BTP के संस्थापक छोटू बसावा, अपने बेटे और पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट महेश बसावा के ख़िलाफ़ चुनावी मैदान में उतर गए हैं. तो ये दोनों बाप-बेटे क्यों आमने सामने हैं और उनकी इस लड़ाई के बाद क्या पार्टी दो धड़ों में बंटती हुई दिख रही है और इस फूट से किसी दूसरी पार्टी को फ़ायदा मिल सकता है क्या, सुनिए 'दिन भर' की पहली ख़बर में.

पोलैंड में गिरी मिसाइल यूक्रेन की या रूस की?

कल जब जी 20 सम्मेलन चल ही रहा था तो कीव सहित यूक्रेन के कई शहरों पर रूस के मिसाइल अटैक हो रहे थे. इसी बीच दो मिसाइल यूक्रेन से सटे पोलैंड में जा गिरी जिसमें दो लोगों की मौत हो गई. अमेरिका और यूक्रेन ने ऐसा दावा किया. इस घटना के बाद नेटो की तुरंत आपात बैठक बुलाई गई. पोलैंड ने सिक्योरिटी को अलर्ट कर दिया. मगर रूस पोलैंड पर हमले के दावे को ख़ारिज करता रहा. और अब कल तक विक्टिम बना यूक्रेन आज बाइडेन के एक बयान से सवालों के घेरों में आ गया. बाइडेन ने कहा कि पोलैंड में रूस की मिसाइलें गिरना संभव नहीं लगता. प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन में सामने आया है कि ये मिसाइलें यूक्रेनी सैनिकों की जवाबी कार्रवाई के बाद पोलैंड में गिरी. हालांकि अमेरिका के इस दावे को लेकर यूक्रेन की ओर से अभी कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है.

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वहीं इससे पहले कल यूक्रेन के कई शहरों पर रूस ने हवाई हमले किए. सबसे ज्यादा बुरी स्थिति कीव की हुई जहां से लोगों के शहर छोड़ने की भी ख़बर आई. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने रूस के इस रवैये पर अपना असंतोष जताया. वहीं अब जेलेंस्की भी युद्ध विराम की ओर पहल करते दिखाई पड़ रहे हैं. मगर पौलेंड में गिरे मिसाइल से जुड़े कौन कौन से ऐसे सवाल हैं जिसके उत्तर मिलने अभी बाकी हैं, सुनिए 'दिन भर' की दूसरी ख़बर में.

जी 20 से भारत को क्या मिला?

दो दिनों से चल रहा जी 20 समिट आज समाप्त हो गया. आज आखिरी दिन इंडोनेशिया ने G20 की अध्यक्षता भारत को सौंप दी. अब अगले साल भारत जी 20 समिट की मेजबानी करेगा. इस लिहाज से भारत के पास समिट का एजेंडा तय करने का अधिकार होगा. पीएम मोदी ने आज अपने संबोधन में बताया कि भारत की G20 अध्यक्षता समावेशी और महत्वाकांक्षी होगी. तो जी 20 समिट भारत के लिए क्या लेकर आया? साथ ही, बाली में आज पीएम मोदी की ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत आठ देशों के साथ बाइलेटरल टॉक हुई. इसके अलावा ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक और पीएम मोदी की हुई मुलाकात भी चर्चा का विषय रही जिसके बाद ब्रिटेन ने भारतीय नागरिकों के लिए 3000 वीजा को मंजूरी दी. इससे भारत और ब्रिटेन के बीच होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का रास्ता कितना आसान होगा भारत के लिए, सुनिए 'दिन भर' की तीसरी ख़बर में.

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नासा के 'मून मिशन' का हासिल

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने आज मून मिशन 'आर्टेमिस-1' लॉन्च किया. इससे पहले 29 अगस्त और 3 सितंबर को भी लॉन्चिंग की कोशिशें हुई थीं, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी और मौसम खराब होने के चलते इन्हें टालना पड़ा था. हालांकि कि आज हुई लॉन्चिंग में भी दिक्कतें आनी शुरू हुई थी. सुबह से रॉकेट में हाइड्रोजन गैस लीक हो रही थी, स्पेसक्राफ्ट का एक पार्ट ढीला होकर निकल गया था जिसे वक्त रहते फिक्स कर दिया गया.

बकौल नासा लॉन्च के कुछ मिनट बाद ही रॉकेट ने ओरियन स्पेसक्राफ्ट को चांद की तरफ छोड़ दिया. सोमवार को ओरियन चंद्रमा की सतह के 96.5 किलोमीटर पास से गुजरेगा जिसके बाद ये चांद की कक्षा में सैटेलाइट्स छोड़ेगा. कुछ हफ्ते स्पेस में बिताने के बाद ये 11 दिसंबर को pacific ocean में आ गिरेगा. नासा ने 1972 में अपोलो मिशन चंद्रमा पर भेजा था और इसके 50 साल बाद मून मिशन की लॉन्चिंग की गई है. इस बार भेजे गए स्पेसक्राफ्ट ओरियन को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए नासा ने दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट SLS का इस्तेमाल किया है. इसका मक़सद क्या है और ये पहले के मिशन से कितना अलग है, सुनिए 'दिन भर' की आख़िरी ख़बर में.

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