
गुजरात के खेड़ा में पिछले साल नवरात्रि पर एक गरबा कार्यक्रम पर पथराव के आरोपियों की पुलिस ने सार्वजनिक तौर पर जमकर पिटाई की थी. इस मामले में अब 4 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है. दरअसल, गुजरात हाईकोर्ट ने आरोपियों को पीटने वाले 4 पुलिसकर्मियों पर आरोप तय किए थे. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने अपील की थी कि वे शिकायतकर्ताओं को मुआवजा देने के लिए तैयार हैं. हालांकि, शिकायतकर्ताओं ने समाधान के प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है. ऐसे में आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है.
क्या है मामला?
पिछले साल अक्टूबर में नवरात्रि पर खेड़ा जिले के एक गरबा कार्यक्रम में मुस्लिम पक्ष के लोगों ने पथराव किया था. इस मामले में पुलिस ने 13 आरोपियों को हिरासत में लिया था. इसके बाद पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़कर सार्वजनिक तौर पर खंभे से बांधकर पीटा था. इस दौरान पुलिसकर्मियों ने सादे कपड़े पहने हुए थे. यह वीडियो वायरल हो गया था. पुलिस की इस कार्रवाई की काफी आलोचना हुई थी. इसके बाद पुलिस विभाग ने जांच के आदेश दिए थे.
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इस घटना के बाद पथराव के आरोपियों ने गुजरात हाईकोर्ट में अपील की थी. आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का जिक्र कर कहा था कि इस घटना में पुलिसकर्मियों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन किया है. यह कोर्ट की अवमानना है. कोर्ट ने इस मामले में 4 पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोप तय किए थे.
हाईकोर्ट ने कहा था- यह सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि सरेआम पिटाई के मामले में पुलिसकर्मियों ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन किया है. हाईकोर्ट ने एक आदेश का जिक्र करते हुए कहा था कि हिरासत में लेने और आरोपी के साथ पुलिस के बर्ताव से जुड़ी गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया है.
(इनपुट- बृजेश दोषी)