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'अस्थिर पड़ोस की स्थिति बताती है CAA क्यों जरूरी', अफगान संकट पर बोले हरदीप पुरी

अफगान संकट से जुड़ी एक खबर को शेयर करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट किया है कि अस्थिर पड़ोस की जो ताजा स्थिति है वह बताती है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) क्यों जरूरी है.

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (फाइल फोटो) केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 22 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 6:02 PM IST
  • हरदीप पुरी ने अफगान संकट पर ट्वीट किया
  • पुरी ने अस्थिर पड़ोस की ताजा स्थिति पर बात की

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अफगान संकट का जिक्र कर CAA को जरूरी बताया है. अफगान संकट से जुड़ी एक खबर को शेयर करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट किया है कि अस्थिर पड़ोस की जो ताजा स्थिति है वह बताती है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) क्यों जरूरी है. बता दें कि CAA में पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यक समुदायों (हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई और सिख) को भारतीय नागरिकता देने का प्रस्ताव है.

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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अफगान से भारत लाए गए लोगों की खबर को शेयर करते हुए लिखा कि, 'हमारे अस्थिर पड़ोस की ताजा घटना और जिस तरह वहां के सिख और हिंदू बुरे वक्त से गुजर रहे हैं वह बताता है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) क्यों जरूरी है.'

हरदीप सिंह पुरी का ट्वीट

क्या है CAA

CAA में बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के छह अल्पसंख्यक समुदायों (हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई और सिख) से ताल्लुक रखने वाले लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रस्ताव है. मौजूदा कानून के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता लेने के लिए कम से कम 11 साल भारत में रहना अनिवार्य है. लेकिन इस समय सीमा को पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों के लिए 11 से घटाकर छह साल किया जाना है. Citizenship (Amendment) Act, 2019 को संसद में पास किया जा चुका है. लेकिन दिसंबर 2019 के बाद से इसे अब तक लागू नहीं किया गया है.

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222 और लोगों को जल्द भारत लाएगा विदेश मंत्रालय

पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया है कि सुबह काबुल से दिल्ली लौटे 209 लोगों में 24 अफगान सिख भी हैं. अब विदेश मंत्रालय 222 अफगान सिख और हिंदुओं को भी वहां से जल्द निकालेगा. एक अनुमान के मुताबिक, अफगानिस्तान में अब भी करीब 400 भारतीय फंसे हो सकते हैं और भारत उन्हें वहां से निकालने का प्रयास कर रहा है और इसके लिए वह अमेरिका एवं अन्य मित्र राष्ट्रों के साथ समन्वय से काम कर रहा है.

बता दें कि फिलहाल काबुल का हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट यूएस सेना के कंट्रोल में है. उन्होंने भारत को रोज दो विमान काबुल में उतारकर वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने की इजाजत दी है.

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