
हेट स्पीच को लेकर दाखिल की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा. जस्टिस के एम जोसेफ और जस्टिस बी वी नागरत्ना की पीठ के समक्ष आज मंगलवार शाम याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश वकील निजाम पाशा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद महाराष्ट्र में कई और रैलियां निकाली गई, जिनमें भड़काऊ भाषण दिए गए. यह कोर्ट की अवमानना का मामला बनता है. पाशा ने मीडिया रिपोर्टस का हवाला देते हुए कहा कि वहां 50 से ज्यादा रैलियां निकाली गई.
सॉलिसिटर जनरल ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर मामले की सुनवाई का विरोध करते हुए कहा कि मीडिया रिपोर्ट के आधार पर बहस नहीं की जा सकती. अगर ऐसा है तो और भी मीडिया रिपोर्ट होंगी जिनमें ऐसे हेट स्पीच का इस्तेमाल किया गया है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में सिर्फ एक धर्म द्वारा हेट स्पीच की बात ना करें, बल्कि वह अन्य वर्गों द्वारा दिए गए हेट स्पीच के मामलों को भी कोर्ट के संज्ञान में लाएं. यदि ऐसा नहीं करते तो यह इनकी मंशा पर सवाल खड़ा कर रहा है.
जस्टिस केएम जोसेफ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि आपको नहीं लगता कि सांप्रदायिक सौहार्द के लिए हेट स्पीच जैसी चीजों को हमें छोड़ना होगा. कोर्ट ने पूछा कि इस मामले में कितनी FIR दर्ज की गई है. सॉलिसिटर जनरल ने जवाब देते हुए कहा कि 18 मामले दर्ज किए गए हैं. वही जस्टिस बीवी नारत्ना ने कहा कि अगर ऐसा है तो और अवमानना के मामलों की बाढ़ आ जाएगी. यहां हम केस के मेरिट की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि मामले की प्रक्रिया पर है.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू की तरफ से कोर्ट ने इस मामले पर किसी और दिन सुनवाई करने की मांग की. जिससे कोर्ट ने इनकार करते हुए कहा कि इस मामले पर कल ही सुनवाई होगी.